नवा रायपुर का ‘वर्ल्ड क्लास’ सरकारी स्कूल इस साल भी नहीं खुलेगा
Nava Raipur's 'world class' government school will not reopen this year either.

रायपुर। नवा रायपुर में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा वर्ल्ड क्लास सरकारी रेसीडेंशियल स्कूल इस शिक्षण सत्र में शुरू नहीं हो पाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय को अब तक स्कूल संचालन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है, जबकि दूसरी ओर इसे निजी हाथों में सौंपने की तैयारी तेज हो गई है।
राज्य सरकार ने वर्ष 2022 में इस स्कूल को गवर्नमेंट मॉडल रेसीडेंशियल स्कूल के रूप में विकसित करने की घोषणा की थी। पहले चरण का लगभग 80 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इसके संचालन मॉडल को लेकर शिक्षा विभाग स्तर पर मंथन जारी है। सूत्रों के अनुसार, पारंपरिक सरकारी स्कूल की बजाय इसे किसी बड़े निजी समूह या राष्ट्रीय स्तर की शैक्षणिक संस्था को सौंपने का प्रस्ताव आगे बढ़ रहा है।
संचालन को लेकर बदल रही दिशा
स्कूल संचालन के लिए एक उत्कृष्ट विद्यालय संचालन समिति बनाई गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री पदेन अध्यक्ष और स्कूल शिक्षा मंत्री उपाध्यक्ष हैं। समिति की हालिया बैठक में यह बात सामने आई कि प्रदेश में पहले से बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल मौजूद हैं, इसलिए इस संस्थान को अलग मॉडल पर संचालित किया जाए। इसी क्रम में निजी समूहों से चर्चा की बात सामने आई है। कई बड़े निजी शिक्षा समूहों ने स्कूल संचालन में रुचि दिखाई है और शिक्षा विभाग से संपर्क भी किया है। साथ ही यह विकल्प भी विचाराधीन है कि भवन को किसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था को लीज पर दिया जाए।
निर्माण लगभग पूरा, उपयोग पर असमंजस
एनआरडीए अधिकारियों के अनुसार स्कूल के पहले चरण का 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। शिक्षा विभाग से हैंडओवर से संबंधित जानकारी मिलने के बाद भवन संबंधित संस्था को सौंपा जाएगा।
निजी हाथों में सौंपने को लेकर सवाल
हालांकि स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठने लगे हैं कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर सरकारी मॉडल स्कूल बनाने की घोषणा की गई थी, तो अब उसे निजी हाथों में देने की जरूरत क्यों पड़ रही है। फिलहाल तय है कि इस वर्ष छात्र इस बहुप्रतीक्षित वर्ल्ड क्लास सरकारी रेसीडेंशियल स्कूल में प्रवेश नहीं ले सकेंगे।
अधिकारियों का क्या कहना है
हिमांशु भारती, जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि अब तक एनआरडीए स्तर पर न तो प्रवेश प्रक्रिया और न ही स्कूल शुरू करने संबंधी कोई औपचारिक आदेश आया है। इसके लिए राज्य स्तर पर समिति बनाई गई है, वही निर्णय करेगी। जब तक संचालन मॉडल तय नहीं होता, तब तक स्कूल शिक्षा विभाग के माध्यम से इसे नियमित सरकारी स्कूल की तरह शुरू करना संभव नहीं है।
चंदन कुमार, सीईओ, एनआरडीए का कहना है कि स्कूल के पहले चरण का 80 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद शिक्षा विभाग को हैंडओवर किया जाएगा।



