नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन अर्थात एनडीए की बैठक हुई। इसमें एनडीए के 39 घटक दलों ने भाग लिया। यह बैठक एनडीए की स्थापना के 25 सफल वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित की गई।
शिवसेना के अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक में एनडीए का प्रस्ताव रखा। एआईएडीएमके के के. पलानीसामी और असम गण परिषद के अतुल बोरा ने प्रस्ताव का समर्थन किया । बैठक में एनडीए के सभी घटक दलों ने संकल्प लिया कि एनडीए एकजुट होकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में लोक सभा चुनाव लड़ेगा और लगातार तीसरी बार भारी बहुमत से नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।
प्रस्ताव : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में एनडीए सरकार ने सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की परिकल्पना को वास्तविक अर्थों में साकार किया है। एनडीए सरकार में देश प्रगति की नई उचाईयों को छू रहा है। सुशासन और विकास की यात्रा में देश के सभी वर्गों, क्षेत्रों व समुदायों की भागीदारी है। देश को प्रगति पथ पर आगे बढ़ाने के लिए एनडीए के सभी दल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी व् लोकप्रिय नेतृत्व का अभिनंदन करते हैं।
प्रस्ताव में कहा गया कि एनडीए के गठन को 25 साल हो गए हैं। इन 25 वर्षों में एनडीए ने सुशासन के उच्च मानक स्थापित किए हैं। एनडीए की सरकार जब भी सत्ता में आई है, उसने राष्ट्र प्रथम की भावना और जनकल्याण के उद्देश्य को सर्वोपरि मानकर काम किया है। 1998 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार हो या 2014 से अब तक नरेंद्र मोदी की सरकार हो, एनडीए सरकार ने सदैव देश की क्षेत्रीय आकांक्षाओं को समर्थन देते हुए राष्ट्र-निर्माण की भावना के साथ काम किया है। राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती, सुशासन की स्थापना, आधारभूत संरचना का निर्माण, गरीबों-पिछड़ों के जीवनस्तर में सुधार तथा विश्वपटल पर भारत की प्रतिष्ठा जैसे विषय एनडीए सरकार की प्राथमिकता में रहे हैं। विशेषकर पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और विकास की दृष्टि से एनडीए सरकार ने जैसा काम किया है, वो अभूतपूर्व है।
