छत्तीसगढ़

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में नराकास, भिलाई–दुर्ग द्वारा तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता आयोजित

Narakaas, Bhilai-Durg organised an impromptu speech competition on the occasion of International Women's Day.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, भिलाई–दुर्ग (नराकास) के तत्वावधान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), भिलाई द्वारा 09 मार्च, 2026 को महिला कार्मिकों के लिए ‘नराकास स्तरीय तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिलाई इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक प्रभारी (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी थे व विशिष्ट अतिथि के तौर पर महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) एवं प्रभारी राजभाषा, भिलाई इस्पात संयंत्र तथा सचिव, नराकास भिलाई–दुर्ग श्री राजीव कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपकुलसचिव (प्रशासन) एवं हिंदी अधिकारी, आईआईटी भिलाई श्री सचिन मिश्र, प्रशासनिक सलाहकार श्री सुभाष पाण्डे तथा बीएसपी के उप प्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन – राजभाषा), श्री जितेन्द्र दास मानिकपुरी सहित विभिन्न सदस्य संस्थानों के प्रतिभागी, आईआईटी भिलाई के छात्र-छात्राएँ एवं कार्मिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए उपकुलसचिव (प्रशासन) आईआईटी भिलाई श्री सचिन मिश्र ने कहा कि इस प्रकार के बौद्धिक आयोजन न केवल हिंदी भाषा के प्रति रुचि और सम्मान को बढ़ावा देते हैं, बल्कि विभिन्न संस्थानों के बीच वैचारिक संवाद और सहयोग को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा और राजभाषा हिंदी का समन्वय आधुनिक भारत की आवश्यकता है तथा इस आयोजन के लिए नराकास, भिलाई–दुर्ग की प्रेरणा सराहनीय है।
मुख्य अतिथि श्री अमूल्य प्रियदर्शी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आईआईटी भिलाई अंतरराष्ट्रीय स्तर का एक प्रतिष्ठित तकनीकी शिक्षण संस्थान है, जिसने प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से आईआईटी भिलाई ने नराकास के सदस्य संस्थानों की महिला कार्मिकों को अपनी अभिव्यक्ति प्रस्तुत करने का एक सशक्त मंच प्रदान किया है, जो अत्यंत प्रशंसनीय पहल है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएँ घर और कार्यस्थल दोनों स्थानों पर अपने दायित्वों का संतुलित निर्वहन कर समाज और संस्थान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
श्री राजीव कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नराकास के सभी सदस्य संस्थान हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ नारी शक्ति के सम्मान एवं सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने सभी सदस्य संस्थानों से आग्रह किया कि वे हिंदी के संवर्धन हेतु इस प्रकार के रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहें, जिससे नराकास भिलाई–दुर्ग भविष्य में और भी उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त कर सके।
प्रतियोगिता की निर्णायक मंडल में बीएसपी की महाप्रबंधक (परियोजनाएँ) सुश्री बोन्या मुखर्जी, महाप्रबंधक (सेल–सीईटी) सुश्री पारमिता महान्ति तथा सहायक प्राध्यापक (भौतिकी विभाग-आईआईटी भिलाई) सुश्री अंजलि चौधरी शामिल रहीं। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति, भाषा की प्रवाहशीलता, आत्मविश्वास, तार्किकता तथा विषय की गहराई के आधार पर विजेताओं का चयन किया और प्रतिभागियों को वक्तृत्व कौशल के महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रदान किए।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बीएसपी की उप महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) सुश्री अमृता गंगराडे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, द्वितीय स्थान पर अधिकारी (अंकेक्षण) छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक सुश्री शाइस्ता सिद्दीकी रहीं एवं अधिकारी बैंक ऑफ बड़ौदा सुश्री रिमझिम वैष्णव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रोत्साहन पुरस्कार प्राप्त करने वालों में बीएसपी की स्टाफ नर्स सुश्री शिलमणी ईवा बखला, प्रोजेक्ट असिस्टेंट (आईआईटी भिलाई) सुश्री सोनाली पटले, प्रशिक्षु (सेल- शाखा विक्रय कार्यालय) सुश्री गरिमा चन्द्रा, विकास अधिकारी (भारतीय जीवन बीमा निगम) सुश्री प्रिया अग्रवाल तथा आरक्षी (सामान्य सशस्त्र सीमा बल) सुश्री भाबड़ वर्षा सुनील शामिल रहीं। विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन सीनियर असिस्टेंट (आईआईटी- भिलाई) सुश्री नेहा साहू ने किया व कार्यक्रम का संयोजन एवं आभार प्रदर्शन वरिष्ठ सहायक (हिंदी अनुवादक) (आईआईटी- भिलाई) सुश्री रेशमा बानो द्वारा किया गया।

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