नागपंचमी आज : जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

 न्युज डेस्क। नागपंचमी सावन महीने के शुक्‍ल पक्ष की पंचमी को कहते हैं। नागपंचमी इस साल 9 अगस्‍त को मनाई जाएगी। इस दिन नागदेवता की पूजा की जाती है और भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है। इस नागदेवत को दूध और लावा चढ़ाकर उनकी पूजा की जाती है। कुछ लोग नागपंचमी के दिन व्रत भी करते हैं। आइए जानते हैं किस दिन मनाई जाएगी नागपंचमी और देखें इस दिन क्‍या करें, क्‍या नहीं।

नागपंचमी श्रावण मास के शुक्‍ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। अबकी बार नागपंचमी 9 अगस्‍त को है। इस दिन भगवान शिव के गण माने जाने वाले नाग देवता की घर-घर में पूजा की जाती है। मान्‍यता है कि इस दिन नागदेवता की पूजा करने से आपका धन बढ़ता है और सर्पदंश का भय दूर होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिव बहुत ही प्रसन्‍न मुद्रा में होते हैं और भक्‍तों की हर मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद देते हैं। इस साल नागपंचमी के दिन कई अद्भुत संयोग बन रहे हैं जिससे इस पर्व की शुभता और बढ़ रही है। इन शुभ संयोग के बीच में भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से आपको समस्‍त कष्टों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं नागपंचमी की सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजाविधि।

नागपंचमी की सही डेट

नागपंचमी पंचांग के अनुसार, 9 अगस्‍त को मनाई जाएगी। श्रावण मास की शुक्‍ल पंचमी पर यह त्‍योहार मनाया जाता है। इस दिन नागदेवता की पूजा करने और रुद्राभिषेक करने का खास महत्‍व होता है। सावन महीने की शुक्‍ल पक्ष की पंचमी का आरंभ 8 अगस्‍त को मध्‍यरात्रि 12 बजकर 37 मिनट से होगा। इसका समापन 9 अगस्‍त को रात को 3 बजकर 15 मिनट से होगा। इस तरह उदया तिथि के अनुसार, नागपंचमी का त्‍योहार 9 अगस्‍त को धूमधाम से मनाया जाएगा।

नागपंचमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त

नागपंचमी के दिन नागदेवता की पूजा पूरे दिन कभी भी की जा सकती है। पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त 9 अगस्‍त को सुबह 5 बजकर 47 मिनट से 8 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। दोपहर में 12 बजकर 13 मिनट से 1 बजे तक का समय भी पूजा के लिए शुभ है। इसके बाद प्रदोष काल में भी पूजा का शुभ महूर्त शाम को 6 बजकर 33 मिनट से रात को 8 बजकर 20 मिनट तक रहेगा।

नागपंचमी पर बने हैं ये शुभ योग

नागपंचमी के दिन हस्‍त नक्षत्र के शुभ संयोग में शिव वास योग, साध्‍य योग और सिद्ध योग का शुभ संयोग बन रहा है। इन शुभ योग में शिवजी की पूजा करने से भोलेबाबा शीघ्र की आपकी प्रार्थना स्‍वीकार करते हैं और शीघ्र ही आपको पूजा का शुभ फल मिलता है।

नागपंचमी पर क्‍या करें और क्‍या नहीं

नागपंचमी पर नागदेवता को दूध लावा चढ़ाना शुभ माना जाता है। नागदेवता को दूध पिलाना संभव न हो तो किसी शांत एकांत स्‍थान पर जाकर कटोरी में दूध और लावा रख आएं।

नागपंचमी पर भूलकर भी किसी सांप की हत्‍या न करें। अगर इस दिन सर्प दिख जाए तो इसे दूर से प्रणाम करके अपना रास्‍ता बदलकर कहीं और चले जाएं। लेकिन भूलकर भी सांप को परेशान न करें।

नागपंचमी के शुभ अवसर घर में या फिर मंदिर में रुद्राभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन भैरव मंदिर में जाकर पूजा अर्चना करें और कच्‍चा दूध अर्पित करें।

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