नगर परिषद डभौरा – वन विभाग पर आदिवासियों का आरोप — “बीट गार्ड कर रहा है परेशान, पट्टे के नाम पर ली रकम और झोपड़ियाँ तोड़ीं”
Municipal Council, Dabhaura - Tribals accuse the Forest Department – “The beat guard is harassing them, took money in the name of lease and demolished huts.”

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
मामला वन परिक्षेत्र डभौरा का रीवा जिले के वन परिक्षेत्र डभौरा में तैनात बीट गार्ड योगेश मिश्रा पर आदिवासी परिवारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राम सोहावल खुर्द बधवा टोला के ग्रामीणों का कहना है कि वे करीब 50 वर्षों से वन भूमि पर बसे हुए हैं, लेकिन अब बीट गार्ड उन्हें जबरन उजाड़ने की कोशिश कर रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बीट गार्ड योगेश मिश्रा ने एक वर्ष पहले पट्टा दिलाने के नाम पर कई आदिवासी परिवारों से रकम ली थी, लेकिन अब तक किसी को भी पट्टा नहीं मिला। उल्टा अब ग्रामीणों को नोटिस थमाकर झोपड़ियाँ और मकान गिराने की धमकी दी जा रही है। आरोप है कि बीट गार्ड और क्षेत्रीय डिप्टी रेंजर स्थानीय राजनीति के दबाव में काम कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया, “हम गरीब आदिवासी हैं, 50 सालों से यहां रह रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि यह जमीन वन की है, घर गिरा दिए जाएंगे। आखिर हम जाएंगे कहाँ?”
उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और क्षेत्रीय विधायक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर बीट गार्ड योगेश मिश्रा और डिप्टी रेंजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
इस पूरे मामले पर जब विभागीय अधिकारियों से बात की गई तो वन पर्यवेक्षक अधिकारी ने आरोपों से इंकार किया। उन्होंने कहा—
“विभाग की ओर से कोई अवैध कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिनके पास वैध पट्टा है, उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। लेकिन अगर किसी ने अधिक भूमि पर या नए सिरे से कब्जा किया है, तो विभाग नियमानुसार कार्रवाई करेगा। आरोपों की जांच कराई जाएगी, और यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”



