छत्तीसगढ़

रायपुर में हर साल 1,000 से ज्यादा चोरी

More than 1,000 thefts occur every year in Raipur

रायपुर। राजधानी में हर साल 1000 से ज्यादा बाइक चोरी की घटनाएं दर्ज हो रही हैं। बढ़ती वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कमिश्नरी ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का सहारा लिया है। आइटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) को अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे चोरी की बाइक शहर में कहीं भी कैमरे की नजर में आते ही पुलिस कंट्रोल रूम में तत्काल अलर्ट मैसेज पहुंच जाएगा।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सिस्टम में चोरी हुई बाइक के नंबर फीड किए जाएंगे। जैसे ही वह नंबर किसी भी चौराहे या सड़क पर लगे कैमरे में कैद होगा, संबंधित थाने और पैट्रोलिंग टीम को लोकेशन के साथ सूचना मिल जाएगी। फुटेज भी तुरंत उपलब्ध होगी, जिससे मौके पर घेराबंदी कर वाहन बरामद किया जा सकेगा। हालांकि आइटीएमएस में यह सुविधा पहले से मौजूद है, लेकिन इसे और एडवांस किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में हुई बाइक चोरी का डेटा विशेष टीम द्वारा एकत्र किया जा रहा है, ताकि हाटस्पाट और गैंग की पहचान कर सटीक कार्रवाई की जा सके।

तीनों जोन में बनी स्पेशल टीम

कमिश्नरी के तीनों जोन में बाइक चोरी पर अंकुश लगाने के लिए अलग-अलग विशेष टीम गठित की गई है। डीसीपी स्तर के अधिकारी स्वयं इन टीमों की मानिटरिंग कर रहे हैं। टीम का एकमात्र लक्ष्य बाइक चोरों की धरपकड़ और चोरी के नेटवर्क को तोड़ना है।
ओडिशा के गांवों में खपाने और काटकर पार्ट्स बेचने की आशंका

रायपुर के गोलबाजार, मौदहापारा, गंज, टिकरापारा, आमानाका, डीडीनगर, राजेंद्रनगर, खमतराई, पंडरी और खम्हारडीह इलाके में दुपहिया चोरी की सूचना पहुंचती रहती है। आउटर के मंदिरहसौद, अभनपुर, विधानसभा और नवापारा भी दुपहिया चोरी के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। चोरी की दुपहिया को रायपुर से बाहर भेजकर पार्ट्स अलग करके बेचे जाने की आशंका भी अधिकारी जताते हैं।

ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी की दुपहिया चलने की सूचनाएं भी कभी कभार मिलती रहती हैं। हालांकि पिछले पांच-सात साल में पुलिस वाहन चोरों के बड़े गैंग या वाहन काटकर बेचने वालों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। एक महीने पहले एसीसीयू क्राइम ब्रांच ने जरूर चोरी गई 36 एक्टिवा जब्त करके बोरियाखुर्द के युवक को गिरफ्तार किया था। चोरी की दुपहिया बिकवाने और खरीदने वाले 15 लोग भी दबोचे गए थे।
2022 में सबसे ज्यादा चोरी हुई बाइकें

वर्ष 2020 में 118 बाइक चोरी के मामले दर्ज किए गए।
वर्ष 2021 में 1,548 बाइक चोरी की घटनाएं सामने आईं।
वर्ष 2022 में यह संख्या बढ़कर 1,966 हो गई।
वर्ष 2023 में 1,588 मामले दर्ज किए गए।
वर्ष 2024 में 1,479 बाइक चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं।
वर्ष 2025 में अब तक 1,443 मामले सामने आए हैं।

आठ लाख वाहनों में अब तक नहीं लगी एचएसआरपी

राजधानी में करीब 15 लाख वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से सिर्फ सात लाख में ही हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगी है, जबकि आठ लाख वाहन अब भी बिना एचएसआरपी के चल रहे हैं। इनमें अधिकांश 15 साल से अधिक पुराने वाहन हैं। पुलिस अब ऐसे वाहनों पर सख्ती की तैयारी में है।
पुलिस का मानना है कि एआइ आधारित निगरानी, डेटा विश्लेषण और विशेष टीम की संयुक्त कार्रवाई से बाइक चोरी के मामलों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।

तुरंत लिखी जा रही बाइक चोरी की शिकायत

डॉ संजीव शुक्ला
 पुलिस कमिश्नर, रायपुर ने कहा कि बाइक चोरी की शिकायत मिलते ही संबंधित थाने में तत्काल एफआइआर दर्ज की जा रही है, जिससे तकनीकी सिस्टम में नंबर तुरंत अपडेट हो सके और ट्रैकिंग शुरू की जा सके।

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