मध्यप्रदेश

नशे से दूरी का संदेश, रस्साकशी में दिखा युवाओं का जोश

Message of staying away from drugs; youth display enthusiasm in tug-of-war.

रीवा मप्र| रिपोर्टर सुभाष मिश्रा 

अतरैला थाना में प्रतियोगिता आयोजित, कोनी कलां की टीम विजेता; खिलाड़ियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

रीवा। युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और खेलों के प्रति प्रेरित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत गुरुवार को अतरैला थाना परिसर में रस्साकशी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और ग्रामीण युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरण सिंह के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य खेलों के माध्यम से युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम में एसडीओपी डभौरा नारायण कुम्हारे, अतरैला थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह परिहार, जवा थाना प्रभारी अरविंद सिंह राठौड़, डभौरा थाना प्रभारी ऋषभ सिंह बघेल सहित पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सरपंच, ग्रामीण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

अधिकारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। नियमित खेलकूद न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से भी दूर रखता है। उन्होंने सभी से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

प्रतियोगिता में ग्राम पंचायत कोनी कलां की टीम विजेता रही, जबकि पुलिस टीम उपविजेता बनी। विजेता टीम के कोच मोहित मिश्रा एवं कप्तान शैलेन्द्र पांडेय को एसडीओपी नारायण कुम्हारे एवं थाना प्रभारियों ने ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।

समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों अंशुमान पांडेय, प्रकाश मिश्रा, विनोद मिश्रा (फौजी), हरिओम मिश्रा, आदित्य गुप्ता, मिथलेश केवट, रमाशंकर कोल, धनेंद्र साहू एवं सुनील वर्मा को मेडल देकर सम्मानित किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत जिले के विभिन्न स्कूलों एवं महाविद्यालयों में खेल प्रतियोगिताएं, जागरूकता कार्यक्रम और संवाद आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराकर उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।

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