रायपुर के मातृ-शिशु अस्पताल में दवा संकट, बढ़ी मरीजों की मुश्किलें

Medicine shortage at Raipur's Mother and Child Hospital; patients face increased difficulties.

रायपुर। कालीबाड़ी स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल में निश्शुल्क इलाज के सरकारी दावों के बीच दवाओं की कमी गंभीर चिंता का विषय बन गई है। अस्पताल में रोजाना औसतन 25 प्रसव और करीब 250 ओपीडी मरीजों का इलाज होता है, लेकिन आवश्यक दवाइयों का स्टॉक लगातार घटता जा रहा है।

स्थिति यह है कि जन्म के तुरंत बाद नवजातों को दी जाने वाली अनिवार्य विटामिन-डी सिरप (कोलेकैल्सीफेरोल ड्रॉप्स) भी उपलब्ध नहीं है। इसके चलते परिजनों को यह दवा निजी मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है।
दवा नहीं मिलने से बढ़ी परिजनों की परेशानी

मरीजों का कहना है कि अस्पताल में इलाज तभी पूरी तरह सफल माना जाएगा, जब डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाएं भी अस्पताल से ही उपलब्ध हों। लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या के बीच दवा संकट ने अस्पताल प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ा दी हैं।

केस-1: नवजात के लिए बाहर से खरीदनी पड़ी सिरप

पंडरी निवासी राधा साहू के परिवार ने बताया कि प्रसव के बाद नवजात को छुट्टी देते समय डॉक्टर ने विटामिन-डी सिरप देने की सलाह दी। अस्पताल के दवा काउंटर पर पूछताछ करने पर स्टॉक खत्म होने की जानकारी मिली। इसके बाद नवजात के पिता को निजी मेडिकल स्टोर से सिरप खरीदनी पड़ी।

केस-2: दवा वितरण केंद्र से लौटे खाली हाथ

एक अन्य प्रसूता के परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने नवजात को नियमित रूप से विटामिन-डी सिरप देने की सलाह दी थी, लेकिन अस्पताल के दवा वितरण केंद्र पर यह दवा उपलब्ध नहीं मिली। मजबूरी में उन्हें बाहर से दवा खरीदने का विकल्प अपनाना पड़ा।

कुछ दिन पहले दवाइयों का स्टॉक कम होने से थोड़ी परेशानी हुई थी। फिलहाल स्थिति सामान्य है। विटामिन-डी सिरप का वर्तमान स्टॉक कितना है, इसकी जानकारी स्टोर प्रभारी से रिपोर्ट लेने के बाद ही दे सकूंगी।

– डॉ. शशिप्रभा ननजारे, अस्पताल प्रभारी

 

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