बीजापुर। भैरमगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत इतामपार के आश्रित ग्राम बोड़गा के निवासियों ने बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर बताया कि गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लगभग 124 से अधिक मकान स्वीकृत हुए थे। इन मकानों के नाम पर ग्राम पंचायत के सचिव कोमल निषाद ने बैंक से प्रथम किस्त 30,000 रुपये तथा द्वितीय किस्त 55,000 रुपये निकलवाया और हितग्राहियों को मात्र 500-500 रुपये देकर यह कहते हुए घर भेज दिया कि मकान बनाकर देंगे। लेकिन मकान आज तक नहीं बने।
7 सदस्यीय जांच दल गठित
इस गंभीर शिकायत को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ग्रामीणों के साथ जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे से मिले और वस्तुस्थिति से अवगत कराया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच हेतु विधायक विक्रम मंडावी की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय जांच दल गठित किया।
प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर यह जांच दल दिनांक 03 सितंबर 2026 को इंद्रावती नदी पार कर ग्राम बोड़गा पहुंचा। दल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात की और स्वीकृत मकानों की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।
ग्रामीणों को 500 रुपये देकर टरकाया
निरीक्षण के दौरान हितग्राहियों ने कांग्रेस के जांच दल को बताया कि सचिव कोमल निषाद तथा सरपंच बोटीराम उन्हें बैंक एवं आधार सेवा केंद्र ले गए। वहां प्रत्येक हितग्राही के खाते से पहले 30,000 रुपये और बाद में 55,000 रुपये निकलवाए गए। मकान बनाकर देने का आश्वासन देकर पूरी राशि सचिव और सरपंच ने वापस ले ली। इसके बाद प्रत्येक हितग्राही को केवल 500 रुपये देकर गांव भेज दिया गया। एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बोड़गा में प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान नहीं बने हैं।
जांच दल के संयोजक एवं बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि “हर परिवार का सपना होता है कि उसका अपना पक्का मकान हो। लेकिन ग्राम बोड़गा के हितग्राहियों और ग्रामीणों से मुलाकात तथा मौका-मुआयना के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। ग्राम पंचायत इतामपार के सचिव कोमल निषाद ने 124 से अधिक मकानों की पूरी राशि मकान बनाने के नाम पर निकालकर एक वर्ष से अधिक समय तक अपने पास रखा, गरीब आदिवासियों के मकान नहीं बनाए गए और पूरी राशि हड़प ली गई।
यह गरीब आदिवासियों के साथ किया गया बड़ा अन्याय और भ्रष्टाचार है। विधायक विक्रम मंडावी ने यह भी कहा कि यह क्षेत्र पहले पूरी नक्सल प्रभावित क्षेत्र था, वर्षों बाद पहली बार कोई शासकीय कार्य हो रहा है और पहली बार शासन प्रशासन की पहुंच इन गांवो तक हो रही है, इसके बाद भी भ्रष्टाचार पर कार्यवाही नहीं होती है तो यह अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है। विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि इस पूरे मामले में ग़रीब आदिवासियों को उचित न्याय मिले और पूरी राशि को भ्रष्टाचार करते हुए हड़पने वाले सचिव कोमल निषाद और सरपंच बोटीराम के भ्रष्टाचार की जांच कर कड़ी कार्रवाई हो।”
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, जिला पंचायत सदस्य लच्छू राम मौर्य, जनपद सदस्य नीलो लेकाम, पूर्व जनपद सदस्य सहदेव नेगी, विधायक प्रतिनिधि जगदेव यादव, पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम सल्लूर, गुड्डू कोरसा और बाबूलाल राठी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी मौजूद थे।
