अंबिकापुर। अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर शुक्रवार की भोर में पुलिस ने गांजा लोड 16 चक्का ट्रक को जब्त कर लिया। ट्रक में लगभग 20 क्विंटल गांजा भरा था। गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है।
प्रकरण में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर व ट्रक मालिक उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के जरोधापाड़ा, बड़गांव निवासी लोकेश शर्मा (46) तथा उसके सहयोगी मुजफ्फरनगर के बड़ीकला, थाना छापर निवासी आमिस अंसारी (23) को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने ओडिशा के सोनपुर क्षेत्र से गांजा लोड कर जशपुर जिले के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। गांजा उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। बलरामपुर जिले में गांजा जब्ती की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।
नारियल भूसी के अंदर गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था
जानकारी के अनुसार बसंतपुर थाने की पुलिस ने 29 दिसंबर 2025 को एक ट्रक से लगभग 12 क्विंटल गांजा जब्त किया था। नारियल भूसी के अंदर गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। उक्त प्रकरण में तीन आरोपितों की गिरफ्तारी की गई थी। जांच में अंतरराज्यीय गांजा तस्कर लोकेश शर्मा का नाम सामने आया था। ट्रक भी उसी का था। बलरामपुर पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी। आरोपित लोकेश के मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस उसकी हर गतिविधि पर नजर रख रही थी। इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही थी।
पुलिस ने ट्रक को थाना परिसर में खड़ा किया
लाइव लोकेशन के दौरान गुरुवार रात थाना प्रभारी बसंतपुर जितेंद्र सोनी को सूचना मिली कि आरोपित लोकेश शर्मा बनारस मार्ग से बसंतपुर की ओर बढ़ रहा है। पुलिस को गांजा तस्करी का संदेह हुआ। उत्तर प्रदेश सीमा पर बनारस मार्ग में बसंतपुर पुलिस ने थाने के सामने वाहन चेकिंग प्वाइंट लगाया। उसी दौरान ट्रक क्रमांक आरजे-14-जीयू-9078 वहां पहुंचा। ड्राइविंग सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम लोकेश शर्मा तथा सहयोगी ने आमिस अंसारी बताया। लोकेश शर्मा का नाम सामने आते ही पुलिस ने ट्रक को थाना परिसर में खड़ा किया। जांच में चूना पत्थर की बोरियों के बीच गांजा के पैकेट नजर आए। एक-एक कर सभी बोरियां नीचे उतरवाई गईं।
एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि ट्रक से 62 पैकेट में कुल 1941 किलो 100 ग्राम गांजा मिला। एक पैकेट में लगभग 30 किलो गांजा था। दोनों आरोपितों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। प्रकरण में विवेचना जारी है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक जितेंद्र सोनी के साथ उप निरीक्षक मनीष साहू, सहायक उप निरीक्षक धनसिंह सांडिल्य, प्रधान आरक्षक हरिप्रसाद तथा आरक्षक आकाश तिवारी, भूपेंद्र मरावी, जनार्दन सिंह, धर्मेंद्र यादव, रामसाय और अजय टोप्पो सक्रिय रहे।
गांजा तस्करी का सरगना है लोकेश शर्मा
बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित लोकेश शर्मा अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का सरगना है। पूर्व में लगभग 12 क्विंटल गांजा जब्ती के प्रकरण का यह मुख्य आरोपित था। उस दौरान जब्त ट्रक क्रमांक आरजे-32-जीई-0960 भी लोकेश शर्मा का था। वर्तमान में जिस ट्रक से गांजा की तस्करी की जा रही थी, वह भी लोकेश शर्मा के नाम पर ही दर्ज है।
आरोपित लोकेश शर्मा ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर प्रदेश तक गांजा तस्करी का सिंडिकेट चलाता था। पूर्व के प्रकरण में पुलिस लगातार उसे गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही थी, लेकिन वह पुलिस को चकमा देता रहा। जांच में लगी टीम को आरोपित के ओडिशा में होने का लोकेशन मिला था, तभी से संदेह था कि वह गांजा की बड़ी खेप लेकर जा सकता है। पुलिस का यह संदेह आखिरकार सही साबित हुआ।
चूना पत्थर की आड़ में हो रही थी गांजा तस्करी
आरोपितों ने गांजा तस्करी के लिए सुनियोजित साजिश रची थी। घरों में पोताई के काम आने वाले चूना पत्थर के बोरों को भी ट्रक में भरा गया था। सबसे नीचे चूना के बोरे थे। उसके ऊपर गांजा के पैकेट रखे गए थे और फिर ऊपर से दोबारा चूना के बोरे लाद दिए गए थे।
इन सभी को इतने व्यवस्थित तरीके से रखा गया था कि ट्रक का डाला खोलने पर केवल चूना पत्थर से भरा माल दिखाई देता था। चूंकि अंतरराज्यीय गांजा तस्कर का नाम पहले से सामने आ चुका था, इसलिए पुलिस सतर्क थी। जब चूना के बोरे हटाए गए तो गांजा के पैकेट दिखाई देने लगे। उनकी मात्रा इतनी अधिक थी कि पुलिस को बड़े इलेक्ट्रॉनिक कांटा-बांट मंगाने पड़े।
जशपुर के रास्ते छत्तीसगढ़ में किया प्रवेश
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपितों के तार ओडिशा के गांजा उत्पादकों और बड़े तस्करों से जुड़े हुए हैं। दिसंबर 2025 में ओडिशा के बलांगीर क्षेत्र से इन्होंने 12 क्विंटल गांजा लोड किया था। उस दौरान भी बसंतपुर में गांजा लोड ट्रक जब्त कर तीन आरोपितों को पकड़ा गया था।
इस बार भी गांजा ओडिशा के सोनपुर से लोड किया गया था। दोनों आरोपित ट्रक में गांजा लेकर जशपुर जिले के लवाकेरा से होते हुए छत्तीसगढ़ में प्रवेश किए थे। जशपुर, सरगुजा और सूरजपुर जिले की सीमा पार करने के बाद वे बलरामपुर जिले में पकड़े गए।
कई थाना क्षेत्रों से गुजर गया ट्रक
बसंतपुर, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित छत्तीसगढ़ का अंतिम थाना है। यदि बसंतपुर पुलिस को अंतरराज्यीय गांजा तस्कर का इनपुट नहीं मिलता तो ट्रक आसानी से उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाता।
गांजा लोड ट्रक जशपुर जिले के तपकरा, कुनकुरी, नारायणपुर और बगीचा, सरगुजा जिले के बतौली, लुंड्रा, अंबिकापुर और गांधीनगर, तथा सूरजपुर जिले के लटोरी, भटगांव, प्रतापपुर, चंदौरा और वाड्रफनगर क्षेत्रों से गुजर चुका था। कहीं भी इसकी जांच नहीं हुई।
पुलिस अधिकारियों का क्या कहना
बसंतपुर पुलिस ने दिसंबर 2025 में लगभग 12 क्विंटल गांजा लोड ट्रक जब्त करने के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। एंड-टू-एंड कार्रवाई में उक्त प्रकरण के फरार आरोपित लोकेश शर्मा को ट्रैक किया जा रहा था। बसंतपुर थाना क्षेत्र में उसके फिर से सक्रिय होने की तकनीकी जानकारी के आधार पर उसे और उसके एक सहयोगी को पकड़ा गया है। ये दोनों ट्रक में गांजा लेकर उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे थे। लगभग 20 क्विंटल गांजा बरामद किया गया है। प्रकरण में विवेचना जारी है।
वैभव बैंकर, पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर
