लोकेश्वर सिन्हा
गरियाबंद जिले में अवैध रूप से की जा रही सागौन लकड़ी की चिरान और भंडारण के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग की टीम ने देवभोग के बरकानी-कैंटपदर क्षेत्र में दबिश देकर दो अलग-अलग स्थानों पर सर्च कार्रवाई की। इस दौरान लाल सिंह गांझी और जगत राम यादव के घर-बाड़ी की तलाशी ली गई, जहां से बड़ी मात्रा में सागौन की चिरान लकड़ी बरामद हुई है।
जानकारी के मुताबिक, वन विभाग को क्षेत्र में सागौन की लकड़ी के अवैध चिरान और भंडारण की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वन विभाग ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए सर्च वारंट के तहत कार्रवाई की। इसके बाद वन विभाग का पूरा अमला संबंधित स्थानों पर पहुंचा और घर-बाड़ी की बारीकी से तलाशी ली।
तलाशी के दौरान वन विभाग की टीम को कुल 21 नग सागौन चिरान लकड़ी मिली। बरामद लकड़ी की बाजार कीमत करीब एक लाख रुपये आंकी जा रही है। वन विभाग ने सभी लकड़ियों को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया है।
कार्रवाई के दौरान वन अमले ने लकड़ी से संबंधित दस्तावेजों और उसके स्रोत की भी जांच शुरू कर दी है। वन विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि बरामद सागौन की लकड़ी कहां से लाई गई और इसे किस उद्देश्य से चिरान कर रखा गया था।
वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से लकड़ी काटने और उसकी चिरान कर भंडारण करने वालों में हड़कंप मच गया है। विभाग का कहना है कि जंगल और वन संपदा की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। अवैध कटाई, परिवहन और चिरान की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।