रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के करीब 70 हजार जवानों के लिए प्रस्तावित पांच हजार रुपये प्रतिमाह विशेष रिस्पांस अलाउंस पर फिलहाल निर्णय नहीं हो सका है। पुलिसकर्मियों के वेतन और भत्तों की समीक्षा के लिए गठित समिति ने आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों को यह भत्ता देने की सिफारिश की है। हालांकि प्रस्ताव अभी पुलिस मुख्यालय में लंबित है।
छह पुराने भत्ते समाप्त करने का सुझाव
समीक्षा समिति ने मौजूदा आठ भत्तों की व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। इनमें से छह भत्तों को समाप्त कर उनकी जगह एक नया विशेष भत्ता लागू करने की सिफारिश की गई है। इसके तहत पुलिसकर्मियों को अलग-अलग मदों में मिलने वाले भत्तों के स्थान पर समेकित विशेष रिस्पांस अलाउंस दिया जाएगा।
इस प्रस्ताव को लेकर अब पुलिस कर्मचारियों और उनके संगठनों की नजर सरकार के निर्णय पर है। कर्मचारी संगठन विशेष भत्ते को जल्द लागू करने की मांग कर रहे हैं।
कई भत्ते लंबे समय से नहीं बदले
पुलिस कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कई भत्तों की दरों में लंबे समय से संशोधन नहीं हुआ है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों को भी कई मदों में पुरानी दरों के अनुसार भुगतान किया जा रहा है।
समीक्षा समिति ने दूसरे राज्यों में पुलिसकर्मियों को मिलने वाले वेतन-भत्तों की व्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद व्यापक बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है।
21 फरवरी 2025 को हुआ था समिति का गठन
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कल्याण) की अध्यक्षता में इस समिति का गठन 21 फरवरी 2025 को किया गया था। इसमें पुलिस मुख्यालय और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के अधिकारी शामिल थे। समिति की 25 फरवरी, नौ अप्रैल, छह मई और 19 जून 2025 को चार बैठकें हुईं।
अब प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय में लंबित है। पुलिसकर्मी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि सरकार इस सिफारिश पर कब निर्णय लेती है और पांच हजार रुपये का विशेष रिस्पांस अलाउंस कब लागू होता है।
