मुख्य आरोपी की चुनौती अस्वीकृत, मुकेश चंद्राकर केस दंतेवाड़ा में चलेगा
Main accused's challenge rejected, Mukesh Chandrakar case to be tried in Dantewada

जगदलपुर। बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने मुख्य आरोपित सुरेश चंद्राकर सहित अन्य आरोपितों की आपराधिक स्थानांतरण याचिका (TPCR No. 07/2026) को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही स्पष्ट हो गया है कि मामले का ट्रायल दंतेवाड़ा की जिला एवं सत्र अदालत में ही जारी रहेगा।
आरोपित सुरेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले को दंतेवाड़ा से जगदलपुर स्थानांतरित करने की मांग की थी।
रास्ते में जान को खतरा की दी गई दलील
आरोपितों के वकील ने दलील दी कि जगदलपुर जेल से दंतेवाड़ा कोर्ट तक लगभग 80 किलोमीटर के रास्ते में उनकी जान को खतरा है। इसी आधार पर ट्रायल स्थान बदलने की मांग की गई। सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने आरोपितों के तर्कों को खारिज करते हुए अदालत को बताया कि पेशी में कोई सुरक्षा या लाजिस्टिक दिक्कत नहीं है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की व्यवस्था उपलब्ध है। आवश्यकता होने पर आरोपितों को दंतेवाड़ा जेल शिफ्ट किया जा सकता है।
याचिका निराधार मानते हुए खारिज
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा का हवाला देकर ट्रायल की प्रक्रिया और स्थान को प्रभावित नहीं किया जा सकता। अब इस मामले में सभी आरोपितों को 4 मई को दंतेवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
स्वतंत्र पत्रकार और ‘बस्तर जंक्शन’ यूट्यूब चैनल के संचालक मुकेश चंद्राकर की एक जनवरी 2025 को निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। उनका शव पत्रकार मुकेश के ही चचेरे भाई ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के घर के सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था। आरोप है कि मुकेश ने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का खुलासा किया था, जिसके चलते रंजिश में इस हत्या को अंजाम दिया गया।
हत्या का मास्टरमाइंड ठेकेदार सुरेश चंद्राकर था, जिसने षडयंत्र रचाकर अपने अन्य भाइयों और सहयोगी के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने उसका शव चट्टानपारा स्थित बाड़े में सेप्टिक टैंक में डालकर उसे चुनवा दिया था, पर मुकेश के सहयोगी पत्रकार साथियों ने उसका शव ढूंढ निकाला। बाद में पुलिस। ने हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किए थे।



