मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपरा का उदाहरण, CM ने किया जवानों का सम्मान

Madhya Pradesh Police's glorious tradition is exemplified by the Chief Minister's honouring of the jawans.

छिंदवाड़ा। सिमरिया के हृदय विदारक बस हादसे के बीच जहां चारों ओर मातम था, वहीं रीवा पुलिस के कुछ जांबाज जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मानवता की एक नई इबारत लिख दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सुरक्षा ड्यूटी से लौट रहे इन जवानों ने न केवल समय रहते राहत कार्य शुरू किया, बल्कि कई लोगों को मौत के मुंह से बाहर निकाला।

हादसे के वक्त गुरुवार को रीवा पुलिस का काफिला वहीं से गुजर रहा था। जैसे ही उनकी नजर पलटी हुई बस और चीखते यात्रियों पर पड़ी, उन्होंने अपनी गाड़ियां रुकवाईं। कई जवान तो जूते पहनने तक का समय नहीं गंवाना चाहते थे। वे नंगे पैर ही सड़क पर बिखरे कांच के टुकड़ों और लोहे के मलबे के बीच दौड़ पड़े। बस के अंदर यात्री बुरी तरह फंसे हुए थे।

जवानों में बचाई कई जिंदगियां

इन जवानों ने अपनी ताकत और सूझबूझ से बस के हिस्सों को हटाकर एक-एक कर घायलों को बाहर निकाला। उनके इस त्वरित कदम की वजह से कई घायल यात्रियों को ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के तुरंत बाद का समय) में इलाज मिल सका, जिससे कई जिंदगियां बच गईं।

मुख्यमंत्री ने की पुरस्कार की घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन जांबाज जवानों के साहस की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा “कर्तव्य के साथ-साथ मानवता का यह उदाहरण मध्यप्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।”

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