मध्यप्रदेश
जवा में भूमाफियाओं का कब्जा राज, तालाब-नहर तक पर पक्के निर्माण..
Land mafia rule in Jawa, permanent constructions even on ponds and canals.

रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा। जिले के जवा जनपद क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण का मामला गंभीर रूप लेता जा रहा है। ग्राम पंचायत अतरैला सहित आसपास के क्षेत्रों में भूमाफियाओं द्वारा सरकारी जमीन की खरीद-फरोख्त कर अवैध कॉलोनियां बसाई जा रही हैं, जिससे विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार तालाब, नहर और अन्य शासकीय भूमि पर पक्के निर्माण तेजी से किए जा रहे हैं। अतरैला–पूछीं का करीब 20 एकड़ 70 डिसमिल क्षेत्रफल वाला तालाब चारों तरफ से सिकुड़ता जा रहा है। तालाब के किनारों पर लगातार मकान बनाए जा रहे हैं, जिससे जलस्रोत के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है।
वहीं ग्राम पंचायत अतरैला के मोहनपुर क्षेत्र में भी अवैध खरीद-फरोख्त के जरिए सैकड़ों मकानों का निर्माण कर लिया गया है। पहाड़ों को खोदकर निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारी कार्रवाई के बजाय मौन साधे हुए हैं, जिससे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं। स्थिति यह है कि पूछीं तालाब के पास स्थित शासकीय स्कूल तक जाने का रास्ता भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया है। स्कूल की जमीन पर अवैध रूप से बाउंड्री और सेप्टिक टैंक बना दिए गए हैं, जिससे बच्चों का खेल मैदान भी खत्म हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में शासकीय भूमि पर बढ़ते कब्जे से न केवल पर्यावरण और जलस्रोत प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि गांव के विकास कार्य भी बाधित हो रहे हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या प्रशासन भूमाफियाओं पर कार्रवाई करेगा या फिर शासकीय जमीन यूं ही कब्जे की भेंट चढ़ती रहेगी।



