राजधानी में बेशकीमती शासकीय जमीन पर कब्जे को लेकर लालपुर पार्षद रवि ध्रुव के साथ मारपीट, पूर्व विधायक ने थाने पहुंचकर कराया समझौता

रायपुर। राजधानी रायपुर में बेशकीमती शासकीय जमीन कब्जा करने का मामला सामने आया है। श्मशान भूमि की जमीन पर अपना हक जमाने के लिए भाजपा के दो नेताओं का ही आपस में गहरा विवाद सामने आया है। इस विवाद का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें दोनों पक्षों की खूब गाली-गलौज हो रही है। दरअसल वार्ड क्रमांक 54 के भाजपा पार्षद रवि ध्रुव और भाजपा कार्यकर्ता विनय साहू के बीच जमीन को लेकर गहरा विवाद हुआ है। साथ ही स्थानीय निवासियों का यह कहना है कि पार्षद आदिवासी हैं और दूसरा पक्ष साहू समाज से है। समाज द्वारा पार्षद को प्रताड़ित किया जाता रहा है। यह विवाद इसी का परिणाम है। इस मामले में दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंचे. यह मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है।

टिकरापारा थाना प्रभारी अमित बेरिया के अनुसार टिकरापारा थाना के लालपुर क्षेत्र वार्ड 54 के भाजपा पार्षद रवि ध्रुव और बीजेपी के ही कार्यकर्ता विनय साहू के बीच कमल विहार से लगे श्मशान घाट की जमीन में कब्जा को लेकर मारपीट और गाली-गलौज हुई. जिसके बाद इस मारपीट की शिकायत पार्षद ने थाने में लिखित रूप में की। इसका वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच जमीन पर कब्ज़ा करने को लेकर विवाद हुआ था। वहीं आज थाने में जाकर दोनों के बीच मध्यस्थता भाजपा के पूर्व विधायक नंद कुमार साहू के मौजूदगी में हुई।

इस मामले को लेकर भाजपा पूर्व विधायक नंदकुमार साहू ने कहा कि मुझे जानकारी लगी की कुछ वाद-विवाद हो गया है. जिसके बाद मैं थाने में पहुंचा और दोनों नेताओं के साथ थाने में ही बैठकर बातचीत कर आपस में सहमति बना कर समझोंता कराया। इस प्रकार का न पहले विवाद था और न अब आगे कोई विवाद है. इस तरह से समझौता हुआ है।

थाना प्रभारी अमित बेरिया टिकरापारा थाना ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि पार्षद रवि ध्रुव ने शिकायत की थी कि विनय नामक व्यक्ति ने मेरे साथ लड़ाई किया है. इसपर जांच कर हमने आरोपी को तलाब किया। जिसके बाद मामले को लेकर दूसरी अनावेदक पार्टी आई और आपसी समझौता की मांग की है और इसमें आगे की कार्रवाई नहीं करने की मांग की है।
वहीं थाना प्रभारी अमित बेरिया टिकरापारा थाना ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि पार्षद रवि ध्रुव ने लिखित शिकायत की थी कि विनय साहू नामक व्यक्ति ने मेरे साथ मारपीट कर गाली गलौज किया है। इस पर जांच कर हमने आरोपी को थाने में तलब किया। जिसके बाद मामले को लेकर अनावेदक आये और आपसी समझौता की मांग की है और इसमें आगे की कार्रवाई नहीं करने की मांग की है। इसके बाद पूर्व विधायक नंदे साहू द्वारा मध्यस्थता कर आपसी सहमति से समझौता कराया गया। खैर भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा अपनी ही पार्टी के साथ मारपीट और आदिवासी समाज का होने की वजह से प्रताड़ित करना विधानसभा चुनाव के पहले बड़े सवाल पैदा करता है।


