किरंदुल वार्ड नं. 8 मंशाहारी मार्केट में जलभराव: नगरपालिका की लापरवाही से लाखों का नुकसान

Kirandul Ward No. 8 Waterlogging in Manshahari Market: Municipality's negligence causes loss of lakhs

किशोर कुमार रामटेके
दंतेवाड़ा। किरंदुल के वार्ड नं. 8 स्थित मंशाहारी मार्केट और आसपास के 10-12 घरों में 25 मिनट की मध्यम बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस जलभराव से मंशाहारी व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ, और स्थानीय निवासियों के घरों में पानी घुस गया। इस घटना के पीछे नगरपालिका की लापरवाही और अवैध निर्माण को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
बारिश और जलभराव का इतिहास
19 मई 2025 को शाम 5 बजे मूसलाधार बारिश के कारण मंशाहारी मार्केट और 15-20 घरों में पानी घुस गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले कभी जलभराव की समस्या नहीं थी, यहां तक कि 15 दिनों की भारी बारिश में भी। जांच में पता चला कि वार्ड नं. 8 में इकबाल सिंह द्वारा नगरपालिका की मुख्य नाली के ऊपर भैंस पालन के लिए अवैध तौर पर तबेला बनाया गया है। इस तबेले से निकलने वाला गोबर नाली में फेंका जाता है, जिसके कारण नाली पूरी तरह जाम हो गई।
नगरपालिका ने इस समस्या के समाधान के लिए दिखावे के तौर पर JCB मशीन से 15-20 दिनों तक नाली की सफाई का नाटक किया। नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह ने इस कार्य को अखबारों में अपनी तस्वीरों के साथ प्रचारित भी किया, लेकिन न तो तबेला हटाया गया और न ही नाली की समुचित सफाई हुई। नतीजतन, आज फिर से 25 मिनट की बारिश ने मंशाहारी मार्केट और आसपास के घरों को जलमग्न कर दिया, जिससे लाखों का नुकसान हुआ।
नगरपालिका अध्यक्ष और उनके पति की भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष रूबी सिंह की अनुपस्थिति चर्चा का विषय बनी। जलभराव के दौरान वह प्रभावित क्षेत्र में नहीं दिखीं, जबकि उनके पति शैलेंद्र सिंह को नगरपालिका के मुख्य अधिकारी को आदेश देते देखा गया। यह स्थिति उस वादे के विपरीत है, जो रूबी सिंह ने चुनाव से पहले 5   सवालों के जवाब में किया था। उन्होंने कहा था कि वह अपने पति के हस्तक्षेप का सहारा नहीं लेंगी, लेकिन वर्तमान में शैलेंद्र सिंह ही नगरपालिका के कामकाज में हावी नजर आ रहे हैं।
नगरपालिका मुख्य अधिकारी का विवादास्पद आदेश
जलभराव की स्थिति का जायजा लेने आए नगरपालिका मुख्य अधिकारी ने मंशाहारी व्यापारियों को चार महीने के लिए मार्केट को गांधीनगर हाट बाजार में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। इस आदेश ने व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश पैदा किया। व्यापारियों का कहना है कि मार्केट को स्थानांतरित करना संभव हो सकता है, लेकिन उन घरों का क्या, जहां बारिश का पानी घुस रहा है? लोगों का आरोप है कि सिर्फ एक अवैध तबेले को बचाने के लिए पूरे मार्केट और निवासियों को नुकसान झेलने के लिए छोड़ दिया गया है।
उपाध्यक्ष का हस्तक्षेप और वादा
नगरपालिका उपाध्यक्ष ने मंशाहारी मार्केट का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मुख्य अधिकारी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में जब मार्केट में जलभराव हुआ था, तभी इकबाल सिंह के अवैध तबेले को हटाकर नाली की सफाई करनी चाहिए थी। उपाध्यक्ष ने वादा किया कि जल्द ही अवैध कब्जा हटाकर नाली की सफाई की जाएगी।
वार्ड पार्षद की उदासीनता
वार्ड पार्षद की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जलभराव समाप्त होने के बाद ही वे क्षेत्र में नजर आए, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।
निष्कर्ष
किरंदुल के मंशाहारी मार्केट और आसपास के निवासियों को बार-बार जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके लिए नगरपालिका की लापरवाही और अवैध निर्माण को जिम्मेदार माना जा रहा है। नाली की सफाई के नाम पर सिर्फ दिखावा और प्रचार हुआ, जबकि वास्तविक समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नगरपालिका अध्यक्ष के पति का हस्तक्षेप और मुख्य अधिकारी की लापरवाही ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। स्थानीय व्यापारी और निवासी अब इस नुकसान की भरपाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
सुझाव:  नगरपालिका को तत्काल अवैध तबेले को हटाकर नाली की समुचित सफाई करनी चाहिए। साथ ही, प्रभावित व्यापारियों और निवासियों को नुकसान की भरपाई के लिए उचित कदम उठाए जाने चाहिए। इस मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच की भी आवश्यकता है।
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