किमोनो पहनने का खेल हुआ भारी: जापान में भारतीय परिवार को पुलिस ने पकड़ा, केवल 37 मिनट की चूक

Kimono-wearing turns into a disaster: Indian family arrested by police in Japan, only 37 minutes behind schedule

नई दिल्ली । जापान की यात्रा पर गए एक भारतीय परिवार के लिए पारंपरिक जापानी पोशाक ‘किमोनो’ पहनना उस वक्त मुसीबत बन गया, जब मामूली सी देरी के कारण उन्हें पुलिस का सामना करना पड़ा। मुंबई की कंटेंट क्रिएटर अशिका जैन द्वारा इंस्टाग्राम पर साझा किया गया यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामले की कैसे हुई शुरुआत?

अशिका जैन और उनके परिवार ने जापान में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय ‘किमोनो रेंटल सेवा’ का लाभ उठाया। इस सेवा के तहत कुछ घंटों के लिए कपड़े किराए पर दिए जाते हैं। अशिका ने शुरुआत में दुकान के कर्मचारियों और वहां मौजूद वैरायटी की काफी तारीफ की, लेकिन समस्या तब शुरू हुई जब उनका ग्रुप निर्धारित समय से देरी से दुकान पहुंचा।

दुकान के नियमों के अनुसार, किमोनो शाम 5 बजे तक लौटाने थे। अशिका का परिवार मात्र 37 मिनट देरी से पहुंचा। दुकान के सख्त नियमों के मुताबिक, हर 30 मिनट की देरी पर प्रति व्यक्ति लगभग 646 रुपये (2,200 येन) की लेट फीस तय थी। पांच लोगों के हिसाब से यह एक बड़ी रकम थी। अशिका ने भाषा की बाधा के बीच कर्मचारियों से मोलभाव करने की कोशिश की और केवल आधे घंटे की फीस लेने का अनुरोध किया। हालांकि, कर्मचारियों को लगा कि वे पैसे देने से मना कर रही हैं, जिसके चलते उन्होंने तुरंत पुलिस बुला ली।

जापान के सख्त हैं नियम

पुलिस के पहुंचने पर मामला शांतिपूर्वक सुलझा लिया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी, लेकिन अशिका को कोई डिस्काउंट नहीं मिला और उन्हें पूरी पेनल्टी चुकानी पड़ी। अशिका ने अपने अनुभव में बताया कि जापान में नियम-कानून अत्यंत सख्त हैं और वहां डिस्काउंट की गुंजाइश नहीं होती।

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