ATM कार्ड बदलकर IT एक्सपर्ट को लगाया 1.89 लाख का चूना
IT expert duped of ₹1.89 lakh after ATM card swap

रायपुर। अमेरिका में मेडिकल डिवाइस कंपनी में वरिष्ठ आईटी विश्लेषक के पद पर कार्यरत भिलाई निवासी प्रणय पुष्कर राजवाड़े से रायपुर में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी कर ली गई। अमेरिका से परिवार से मिलने लौटे प्रणय रिंग रोड स्थित पीएस सिटी एसबीआई एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान करीब 35 से 40 वर्ष के एक व्यक्ति ने मदद करने के बहाने उनका कार्ड बदल दिया।
इसके बाद तीन और चार अक्टूबर के बीच खाते से एक लाख 89 हजार 500 रुपये निकालने और आनलाइन खरीदारी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर डीडी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
एटीएम में हुई ठगी
प्रणय तीन अक्टूबर को अमेरिका से रायपुर पहुंचे थे। एयरपोर्ट से चालक के साथ भिलाई स्थित घर जाते समय वह सुबह करीब आठ से साढ़े नौ बजे के बीच रिंग रोड स्थित पीएस सिटी एसबीआइ एटीएम में रुपये निकालने रुके। उन्होंने मशीन से पांच हजार रुपये निकाले। इसी दौरान एटीएम में मौजूद एक व्यक्ति ने मदद करने की पेशकश की। प्रणय का ध्यान दूसरी ओर जाते ही उसने उनका एटीएम कार्ड बदल दिया और दूसरे कार्ड को उनके कार्ड के स्थान पर रख दिया। प्रणय को इसकी जानकारी नहीं हुई और वह कार्ड लेकर घर चले गए।
दो दिन तक खाते से होती रही निकासी
घर पहुंचने के बाद प्रणय तीन से छह अक्टूबर तक पारिवारिक कार्यक्रमों में व्यस्त रहे। सात अक्टूबर को पिता के एक मित्र के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने अपना एटीएम कार्ड देखा, तब कार्ड बदले जाने का पता चला। इसके बाद नेहरू नगर, भिलाई स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में खाते का विवरण निकलवाया। जांच में पता चला कि तीन और चार अक्टूबर के बीच उनके खाते से जुड़े एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर कुल एक लाख 89 हजार 500 रुपये की निकासी और आनलाइन खरीदारी की गई है।
एटीएम के बाहर गिरोह सक्रिय होने की आशंका
कार्ड बदलकर ठगी की इस घटना से एटीएम के आसपास सक्रिय गिरोह की आशंका भी उठ रही है। ऐसे मामलों में बदमाश रुपये निकालने आए लोगों पर नजर रखते हैं और मदद करने या मशीन चलाने में परेशानी दूर करने के बहाने उनका ध्यान भटकाकर कार्ड बदल देते हैं। बाद में कार्ड का इस्तेमाल कर खाते से रकम निकालने या खरीदारी करने की कोशिश की जाती है। हालांकि, इस मामले में एक से अधिक लोगों की संलिप्तता या किसी गिरोह के सक्रिय होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस के लिए एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, संबंधित समय के लेनदेन और आनलाइन खरीदारी के विवरण की जांच महत्वपूर्ण होगी।



