दलहन-तिलहन फसलों के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर
एग्रीस्टैक पंजीयन की गहन समीक्षा कर सभी किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश
एग्री एलाइड बैठक में कलेक्टर ने की किसानों से जुड़े हितों के मुद्दों की सतत समीक्षा
किसानों को योजनाओं से लाभान्वित करने के दिए निर्देश
ओडीओपी और जीआई टैग से स्थानीय उत्पादों को मिलेगी नई पहचान और बेहतर बाजार
बलरामपुर/(शोएब सिद्दिकी) कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने एग्री एलाइड विभागों की समीक्षा बैठक लेकर कृषि एवं संबद्ध योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने किसान से जुड़े हित के मुद्दों पर समीक्षा कर लाभ पहुंचाने निर्देशित किया। बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिले के वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट के अंतर्गत चयनित उत्पादों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विशिष्ट कृषि एवं स्थानीय उत्पादों के जीआई टैग की संभावनाओं पर भी चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को संभावित उत्पादों की पहचान कर उनके लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय उत्पादों को विशिष्ट पहचान मिलने के साथ किसानों और उत्पादकों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सके।
उन्होंने अलनीनो के दृष्टिगत अधिकारियों को खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा दलहन-तिलहन एवं कम अवधि वाली फसलों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से चलगली, रघुनाथनगर, चांदो एवं राजपुर क्षेत्र में दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहित करने और अधिक से अधिक किसानों को इनकी खेती के लिए प्रेरित करने को कहा। कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने पीएम आशा योजना का प्रचार-प्रसार करते हुए किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए कि भारत सरकार द्वारा दलहन, तिलहन फसलों को न्युनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाती है। जिसके अंतर्गत किसान अरहर, उड़द, मूंग, सोयाबीन, मूंगफली, चना, मसूर एवं सरसों जैसे फसल उत्पादन कर लाभ ले सकते हैं। कलेक्टर ने योजना अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कृषक उन्नति योजना अंतर्गत अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देते हुए एकीकृत पोर्टल एवं एग्रीस्टैक के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ते हुए उन्हें शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ दिलाएं। साथ ही किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें योजना की जानकारी उपलब्ध कराने और पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने एग्रीस्टैक पंजीयन की गहन समीक्षा की। उन्होंने विकासखंडवार समीक्षा करते हुए जिले के सभी किसानों का एग्रीस्टैक में पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष धान विक्रय कर चुके किसानों का प्राथमिकता के आधार पर एग्रीस्टैक पंजीयन सुनिश्चित करें।
बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं कृषक उन्नति योजना से लाभान्वित किसानों की संख्यात्मक जानकारी लेते हुए अधिक से अधिक पात्र किसानों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, पोषक अनाज योजना तथा अन्य कृषि योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें साथ ही खाद एवं बीज की उपलब्धता सभी सहकारी समितियों में समय पर सुनिश्चित करें, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कलेक्टर ने उद्यानिकी फसलों के उत्पादन, विभिन्न उद्यानिकी योजनाओं, एकीकृत बागवानी मिशन तथा सूक्ष्म (ड्रिप) सिंचाई योजना की प्रगति की समीक्षा करयते हुए अधिक से अधिक किसानों को इन योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीवीटीजी क्षेत्र में फलदार पौधों के वृहद स्तर पर रोपण के लिए कार्ययोजना तैयार कर व्यापक स्तर पर पौधरोपण कराने पर भी जोर दिया।
पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पशुपालकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने क्लस्टर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसमें अपेक्षित सुधार लाने और क्लस्टर आधारित कार्यप्रणाली अपनाकर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
