रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा। संभागीय मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रामबाग के एक युवा ने सीमित संसाधनों में ड्रोन मॉडल तैयार कर चर्चा बटोरी है। बीएससी की पढ़ाई कर रहे ज्ञानेंद्र ने अपने भाई मानवेंद्र की मदद से घर में मौजूद सामानों जैसे थर्मोकोल, आयरन पाइप, लकड़ी, प्लाईवुड और रबर के साथ कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जोड़कर ड्रोन तैयार किया है। यह ड्रोन लगभग 1500 से 2000 रुपये की लागत में बनकर तैयार हुआ है।

ज्ञानेंद्र द्वारा तैयार मॉडल को उन्होंने “ट्रेनर मॉडल” नाम दिया है, जो उनके अनुसार लगभग 15 से 20 मिनट तक हवा में उड़ान भर सकता है। ड्रोन की उड़ान क्षमता इसकी बैटरी पर निर्भर करती है। इस ड्रोन में ट्रांसमीटर-रिसीवर, बीएलडीसी मोटर, इलेक्ट्रॉनिक स्पीड कंट्रोलर, लिथियम बैटरी और वोल्टेज टेलिमेट्री का उपयोग किया गया है। ज्ञानेंद्र का दावा है कि यह ड्रोन 4 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है, तथा इसमें कैमरे के लिए मोबाइल भी लगाया जा सकता है।
ज्ञानेंद्र का कहना है कि यह मॉडल सीखने और सिखाने के उद्देश्य से बनाया गया है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे और युवा तकनीक से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि वह एक और मॉडल “फ्लाइंग विंग” पर काम कर रहे हैं, जो अधिक गति वाला होगा। आगे चलकर यह ड्रोन मॉडल कृषि कार्यों में खाद/दवाई छिड़काव, जंगलों में बीज फैलाव, तथा आपात स्थितियों में सहायता जैसे कार्यों में उपयोगी हो सकता है। उनका कहना है कि कम लागत होने के कारण इसका उपयोग कोई भी आसानी से कर सकता है।
वहीं, पिता धर्मेंद्र ने बताया कि ज्ञानेंद्र को बचपन से उड़ने वाली चीज़ों को देखकर ड्रोन बनाने का शौक था। उन्होंने कहा कि कभी उन्होंने इस पर खर्च को लेकर नाराज़गी जताई थी, लेकिन अब बेटे की लगन और परिणाम देखकर गर्व महसूस हो रहा है। परिवार का कहना है कि उन्हें यदि तकनीकी सहायता और सहयोग मिले तो यह मॉडल और बेहतर तथा उपयोगी रूप ले सकता है।
