कीड़े के काटने से जा रही जान, एक माह में 45 मरीज अस्पताल पहुंचे

Insect bites proving fatal; 45 patients admitted to hospital in a month.

जांजगीर-चांपा। जिले में स्वाइन फ्लू से एक व्यक्ति की मौत के बाद अब स्क्रब टाइफस ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्क्रब टाइफस की चपेट में आने के बाद शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के तुसमा निवासी 25 वर्षीय युवक की बिलासपुर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवक ने शनिवार 19 सितंबर को दम तोड़ा। वर्तमान में जिला अस्पताल में पांच मरीज भर्ती हैं। बीमारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है।

जानकारी के अनुसार तुसमा निवासी 25 वर्षीय युवक को 17 सितंबर को तेज बुखार आया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने उसे उपचार के लिए पहले शिवरीनारायण के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उसे बिलासपुर के निजी अस्पताल ले जाया गया।

वहां उपचार के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में बीमारी की स्थिति की निगरानी बढ़ा दी है।

एक माह में 40 से 45 मरीज पहुंचे अस्पताल

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में पिछले एक माह में सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर करीब 40 से 45 मरीज स्क्रब टाइफस के लक्षणों के साथ उपचार के लिए पहुंचे हैं। इनमें बड़ी संख्या में मरीजों ने निजी अस्पतालों में इलाज कराया है। कई मरीजों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिला अस्पताल में भी स्क्रब टाइफस के मरीजों की संख्या बढ़ी है।

तेज बुखार को सामान्य समझना पड़ सकता है भारी

स्क्रब टाइफस की शुरुआत सामान्य बुखार जैसी हो सकती है, जिसके कारण कई बार मरीज और परिजन इसे सामान्य वायरल फीवर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी और थकान इसके प्रमुख लक्षण हैं। कुछ मरीजों में संक्रमित स्थान पर काला निशान या घाव भी दिखाई दे सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक समय पर बीमारी की पहचान और उपचार नहीं मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में लगातार बुखार रहने पर बिना देरी किए चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

चिगर माइट के काटने से फैलता है संक्रमण

स्क्रब टाइफस एक संक्रामक बीमारी है, जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया के संक्रमण से होती है। यह संक्रमित चिगर माइट के काटने से फैलती है। खेत, झाड़ी, घास और ऐसे स्थानों पर रहने या काम करने वाले लोगों में इसके संपर्क में आने की आशंका अधिक रहती है। बारिश के मौसम के बाद ऐसे संक्रमण के मामले सामने आने पर विशेष सावधानी की जरूरत होती है।

मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

जिले में एक के बाद एक संक्रामक बीमारियों के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चुनौती बढ़ गई है। स्वाइन फ्लू के बाद अब स्क्रब टाइफस से हुई मौत ने विभाग की चिंता और बढ़ा दी है। विभाग द्वारा संदिग्ध मरीजों की निगरानी, जांच और उपचार की प्रक्रिया तेज की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी या अन्य लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य बीमारी मानकर घर पर उपचार न करें। तत्काल चिकित्सक से जांच और सलाह लें। समय पर जांच और उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

स्क्रब टाइफस से पीड़ित शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के तुसमा निवासी 25 वर्षीय युवक की बिलासपुर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई है। समय पर जांच और उपचार से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है। डा अनिता जायसवाल सीएमएचओ, जांजगीर

 

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