सड़क के अभाव में अमानवीय दृश्य: रीवा में बाँस–खोली पर कंधों से ले जाया गया शव, विकास के दावे फेल
Inhumane scenes due to lack of road: Corpse carried on shoulders on bamboo trough in Rewa, claims of development fail

रीवा रिपोर्टर सुभाष मिश्रा

रीवा। जिले के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत रौली ग्राम पंचायत के कैथी गांव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने विकास के तमाम दावों की पोल खोल दी। गांव तक पक्की सड़क न होने के कारण परिजनों को मृतक का शव कपड़े की झोली बनाकर बाँस और खोली के सहारे कंधों पर उठाकर ले जाना पड़ा।
बताया जाता है कि गांव से मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए कोई सुगम रास्ता नहीं है। बारिश के मौसम में कच्चा रास्ता कीचड़ और फिसलन से भरा रहता है, जिससे एंबुलेंस या अन्य वाहन का पहुंचना असंभव हो जाता है। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों ने शव को कंधों पर उठाकर कई किलोमीटर तक पैदल यात्रा की।
घटना की तस्वीरें सामने आते ही प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर सरकार गांव–गांव सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की बात करती है, वहीं दूसरी ओर आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही है, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं।
इस अमानवीय घटना ने न सिर्फ प्रशासन की उदासीनता को उजागर किया है, बल्कि यह भी सवाल खड़ा किया है कि आखिर कब तक ग्रामीण ऐसे हालात झेलने को मजबूर रहेंगे। अब देखना यह है कि इस घटना के बाद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि कोई ठोस कदम उठाते हैं या मामला फिर कागजों में ही सिमट कर रह



