रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा जिले के दिव्यगंवा स्थित भगवान बिरसा मुंडा शासकीय महाविद्यालय परिसर में नहर विभाग द्वारा बिना अनुमति कराई जा रही खुदाई को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में महाविद्यालय के प्राचार्य ने कलेक्टर रीवा को पत्र लिखकर तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप और कठोर कार्रवाई की मांग की है। प्राचार्य द्वारा लिखे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि सिंचाई विभाग के एसडीओ एवं अन्य अधिकारियों द्वारा बिना किसी सक्षम अनुमति और बिना लिखित आदेश के महाविद्यालय परिसर में प्रवेश कर जेसीबी मशीन से खुदाई कार्य शुरू करा दिया गया। न तो इस कार्य के लिए जिला प्रशासन से स्वीकृति ली गई और न ही महाविद्यालय प्रशासन को पूर्व में कोई सूचना दी गई।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब प्राचार्य ने संबंधित अधिकारियों से आदेश की प्रति मांगी, तो अधिकारियों ने अभद्र, अशोभनीय एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। अधिकारियों द्वारा स्वयं को सबसे बड़ा सक्षम अधिकारी बताते हुए किसी भी आदेश की आवश्यकता न मानने की बात कही गई। इतना ही नहीं, ठेकेदार द्वारा भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया, जिसके चलते स्थिति बिगड़ने पर प्राचार्य को 112 डायल कर पुलिस बुलानी पड़ी। प्राचार्य ने पत्र में स्पष्ट किया है कि यह पूरी कार्रवाई शासकीय नियमों, प्रक्रियाओं एवं शैक्षणिक संस्थान की गरिमा के विपरीत है। महाविद्यालय परिसर में नियमित रूप से कक्षाएं संचालित होती हैं और ऐसे में भारी मशीनों से की जा रही खुदाई से विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
इसके साथ ही परिसर में निर्माण सामग्री डालकर रास्ता अवरुद्ध किए जाने, नाली तोड़े जाने तथा पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त किए जाने का भी उल्लेख किया गया है, जिससे जल आपूर्ति बाधित हुई और शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ।
प्राचार्य ने कलेक्टर रीवा से मांग की है कि महाविद्यालय परिसर में नहर विभाग द्वारा किए जा रहे अवैध खुदाई कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए तथा दोषी अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
