रीवा मप्र | रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
20 जून से लापता फूलचंद आदिवासी की तलाश की मांग पर बेटी हेमलता परिवार सहित धरने पर, जांच टीम भी अब तक नहीं पहुंच सकी किसी नतीजे पर।
रीवा जिले के डभौरा थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर एक भाई-बहन पिछले एक माह से अधिक समय से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन उनकी फरियाद का समाधान नहीं कर सका। मामला 20 जून 2026 से लापता तेंदूपत्ता श्रमिक फूलचंद आदिवासी की गुमशुदगी से जुड़ा है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि फूलचंद आदिवासी की पुत्री हेमलता आदिवासी ने क्रमिक अनशन शुरू करने से पहले जिला और स्थानीय प्रशासन को लिखित सूचना दी थी। आरोप है कि जब कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तब परिवार को मजबूर होकर धरने पर बैठना पड़ा।
परिजनों के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर पहले भी परिवार पर हमला हो चुका था। हेमलता का आरोप है कि कुछ वर्ष पहले उसके पिता और बहन पर आत्मघाती हमला कर उन्हें घायल किया गया था। इसके बाद 20 जून को फूलचंद आदिवासी तेंदूपत्ता तोड़ने मजदूरी के लिए गए, लेकिन फिर घर वापस नहीं लौटे।
हेमलता का कहना है कि गुमशुदगी के मामले में उन्होंने कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी पुलिस को बताए थे, जिन पर पहले से जान से मारने की धमकी देने का आरोप था। इसके बावजूद अब तक न तो उनके पिता का कोई सुराग मिला और न ही मामले में कोई ठोस खुलासा हो सका।
बताया गया कि एसडीओपी स्तर पर मामले की जांच के लिए विशेष टीम भी गठित की गई थी, लेकिन अब तक टीम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इस बीच थाने के सामने लगातार जारी धरना पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
