नेहरू आर्ट गैलरी में हुकुम लाल वर्मा की तीन दिवसीय चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन
Hukum Lal Verma's three-day painting exhibition inaugurated at Nehru Art Gallery

प्रख्यात वरिष्ठ कलाकार श्री हुकुम लाल वर्मा द्वारा रचित तीन दिवसीय एकल चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन 20 नवंबर, 2025 को नेहरू आर्ट गैलरी, इंदिरा प्लेस, सिविक सेंटर में किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएँ- वाणिज्यिक) श्री अनुराग उपाध्याय ने शाम को दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारी महाप्रबंधक (संपर्क, प्रशासन एवं जनसंपर्क) श्री अमूल्य प्रियदर्शी, महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री प्रशान्त तिवारी, सहायक महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री जवाहर बाजपेयी, उप प्रबंधक (जनसंपर्क) सुश्री शालिनी चौरसिया, श्री योगेन्द्र त्रिपाठी, श्रीमती त्रिपाठी के साथ ही इस अवसर पर कलाकार श्री हुकुम लाल वर्मा उनके परिवार के सदस्य, इस्पात नगरी के कलाकार श्री पी. के. नंदी, आटर्स क्लब के सदस्य श्री ईश्वर पटेल, श्री डी एस. विद्यार्थी, श्री हरि सेन, श्री अंकुश देवांगन, श्री राजेन्द्र सोनगुरिया, श्री जयदेव शुक्ल सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी और भिलाई के निवासी भी उपस्थित थे। इस अवसर पर गीत वितांत कला केन्द्र, भिलाई के सदस्य और भारी संख्या में कला प्रेमी नागरिक उपस्थित थे।

श्री अनुराग उपाध्याय ने प्रदर्शित चित्रों अवलोकन किया और श्री हुकुम लाल वर्मा के साथ सार्थक संवाद किया। उन्होंने श्री वर्मा की प्रतिभा और रचनात्मक दृष्टिकोण की सराहना की और आगंतुक पुस्तिका में लिखा कि श्री वर्मा की अमूर्त कला न केवल उत्कृष्ट है, बल्कि रंगों के चयन, ब्रश स्ट्रोक्स की बारीकी और रचना-शिल्प की परिपूर्णता उन्हें विशेष बनाती है। उन्होंने श्री वर्मा को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
श्री हुकुम लाल वर्मा, जिनका जन्म 1970 में राजनांदगाँव में हुआ और जो खैरागढ़ में रहते हैं, एक प्रख्यात समकालीन भारतीय कलाकार और आईकेएसवीवी (1997) से एमएफए (मास्टर इन फाइन आर्ट्स) स्नातक हैं। भारतीय सौंदर्यशास्त्र में निहित अपनी भावनात्मक रूप से समृद्ध कृतियों के लिए जाने जाने वाले, उन्होंने त्रिवेणी कला संगम, जहाँगीर आर्ट गैलरी, श्रीधरानी गैलरी और भारत भवन सहित प्रमुख दीर्घाओं में अपनी कलाकृतियाँ प्रदर्शित की हैं। उन्हें भारत भवन द्विवार्षिक पुरस्कार (2018), भारत सरकार से वरिष्ठ और कनिष्ठ फेलोशिप और एआईएफएसीएस अखिल भारतीय पुरस्कार जैसे प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। 2001 और 2022 के बीच, उन्होंने कई राष्ट्रीय कला शिविरों में भाग लिया और उनकी कलाकृतियाँ भारत और विदेशों में प्रसिद्ध सार्वजनिक और निजी संग्रहों में संग्रहित हैं।
इस अवसर पर गीत वितांत कला केन्द्र के कलाकारों ने सुमधुर संगीत का प्रदर्शन किया।
यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी 22 नवंबर 2025, शाम 5:30 बजे से रात 8:30 बजे तक तक प्रतिदिन जनता के लिए खुली रहेगी।



