छत्तीसगढ़

भिलाई इस्पात संयंत्र के उद्यानिकी विभाग द्वारा वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत कार्यक्रमों श्रृंखला का समापन 

Horticulture Department of Bhilai Steel Plant concludes series of programmes under Wildlife Conservation Week

भिलाई इस्पात संयंत्र के नगर सेवाएं विभाग के अधीन उद्यानिकी विभाग द्वारा अक्टूबर माह के द्वितीय सप्ताह में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह 2025 के अंतर्गत विद्यालय स्तरीय विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महाप्रबंधक (उद्यानिकी-नगर सेवाएं) डॉ. एन. के. जैन के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और नागरिकों के बीच वन्य प्राणियों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और जन-जागरूकता को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत 5 अक्टूबर को स्कूली बच्चों के मध्य चित्रकला प्रतियोगिता, 7 एवं 8 अक्टूबर को भाषण प्रतियोगिता तथा 9 से 11 अक्टूबर तक “एक सफर मैत्री का” पहल के अंतर्गत स्कूली बच्चों के लिए चिड़ियाघर का नि:शुल्क भ्रमण आयोजित किया गया।

इन आयोजनों का समापन 12 अक्टूबर 2025 को मैत्री बाग के मोमबत्ती लॉन में एक रंगारंग सांस्कृतिक समारोह के साथ हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री पवन कुमार थे व विशिष्ठ अतिथि के रूप में वन मंडलाधिकारी (दुर्ग) श्री दिपेश कपिल उपस्थित रहे।

समारोह की शुरुआत स्कूली बच्चों द्वारा स्वागत गीत से हुई, जिसके पश्चात अतिथियों ने बच्चों द्वारा बनाई गई आकर्षक चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

मुख्य अतिथि श्री पवन कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि “प्रकृति ने हमें वन्य पर्यावरण और वन्य प्राणियों के रूप में अमूल्य धरोहर दी है, जिनका संरक्षण करना केवल विभागीय नहीं बल्कि सामूहिक दायित्व है। ऐसे आयोजन जन-जागरूकता और भावी पीढ़ी में संरक्षण की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” उन्होंने बच्चों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र पर्यावरण एवं वन्य प्राणी संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध और सजग है।

इस अवसर पर विशेष अतिथि श्री दिपेश कपिल ने कहा कि “किसी भी कार्यक्रम की सफलता जनभागीदारी और जागरूकता से ही संभव होती है, और आज बच्चों ने इस तथ्य को साक्षात प्रमाणित किया है।”

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य महाप्रबंधक (नगर सेवाएं एवं सी.एस.आर.) श्री उत्पल दत्ता ने कहा कि “प्रकृति के संतुलन में वन्य प्राणियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका संरक्षण एक सतत् सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसका निर्वहन उद्यानिकी विभाग निरंतर कर रहा है।”

विभाग की ओर से स्वागत भाषण एवं वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए महाप्रबंधक प्रभारी (उद्यानिकी, भूमि एवं विद्युत विभाग) श्री एस. बी. श्रीनिवास ने उद्यानिकी विभाग द्वारा वर्षभर में किए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया और उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। भाषण प्रतियोगिता के विजेता बच्चों ने वन्य प्राणी संरक्षण पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिन्हें अतिथियों और उपस्थित जनसमूह ने सराहा।

इसके पश्चात बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्वागत गीत, एकल गायन, तथा छत्तीसगढ़ी और राजस्थानी लोकनृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गई।

कार्यक्रम का संचालन क्रीड़ा सांस्कृतिक एवं नागरिक सुविधाएं विभाग के श्री सुप्रियो सेन ने किया व धन्यवाद ज्ञापन महाप्रबंधक (उद्यानिकी-नगर सेवाएं) डॉ. एन. के. जैन ने दिया। निर्णायक मंडल में चित्रकला प्रतियोगिता के लिए श्री शत्रुघन स्वर्णकार एवं श्री मोहन बरल, तथा भाषण प्रतियोगिता के लिए सुश्री अर्पणा बेनर्जी एवं सुश्री मीता रॉय सम्मिलित थीं।

आयोजन को सफल बनाने में श्री मृदुल गुप्ता, श्री गफ्फार खान, श्री राजेश शर्मा, श्री आरिफ खान, श्री ललित कुमार, श्री ए.के. सिन्हा, श्री संदीप नायडू, श्री योगेश कुमार चंद्राकर, श्री शंकरलाल अग्रवाल, श्री खीरु प्रसाद, श्री चंद्रमणि चंद्राकर, सुश्री किरण, श्री हरिंदर, श्री मदनगोपाल सिंह, श्री प्रेम साहू सहित विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।

 

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