रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रामबाग से यूपी सीमा तक प्रधानमंत्री सड़क की हालत बदतर; जगह-जगह ट्रक-चार पहिया वाहन पलट रहे, ग्रामीण बोले- पैदल चलना भी मुश्किल
जवा। तराई क्षेत्र के जवा अंतर्गत रामबाग से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। रामबाग से बरगढ़ तक सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इस मार्ग पर पैदल चलना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद सड़क पर भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और क्षतिग्रस्त हिस्से होने के कारण आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट रहे हैं। कई स्थानों पर भारी ट्रक और चार पहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और सड़क निर्माण से जुड़े ठेकेदार की ओर से सड़क की मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
सड़क पर गड्ढे या हादसे का इंतजार?
स्थानीय लोगों का कहना है कि रामबाग से बरगढ़ तक सड़क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। रात के समय स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। भारी वाहनों के गुजरने पर सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से और अधिक खराब होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मार्ग पर लगातार हैवी वाहनों का आवागमन होने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। सड़क किनारे पलटे वाहनों के दृश्य अब इस मार्ग पर आम होते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ रही परेशानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क की बदहाली को लेकर कई बार जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत खराब होने से रोजमर्रा के आवागमन के साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ और पानी जमा होने से स्थिति और गंभीर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री सड़क का उद्देश्य गांवों को बेहतर आवागमन सुविधा से जोड़ना है, लेकिन रामबाग-बरगढ़ मार्ग पर बदहाल सड़क के कारण इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल सड़क का निरीक्षण कराकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने और भारी वाहनों के आवागमन को लेकर आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई और समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो जिम्मेदार विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
