रीवा मप्र | रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा जिले की जवा तहसील में देवखर से कोनीकलां तक बन रही प्रधानमंत्री सड़क ग्रामीणों के लिए सुविधा बनने से पहले ही परेशानी का सबब बन गई है। ठेकेदार द्वारा बरसात के दौरान निर्माण कार्य शुरू किए जाने के बाद करीब 5 से 6 किलोमीटर का रास्ता पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था नहीं की गई, जिससे गांव तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
रीवा जिले के जवा तहसील अंतर्गत देवखर ग्राम पंचायत से ग्राम पंचायत कोनीकलां तक प्रधानमंत्री सड़क का निर्माण कराया जाना है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह सड़क क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे समय से जरूरी थी, लेकिन निर्माण कार्य में जल्दबाजी और बरसात के मौसम में सड़क खोद दिए जाने के कारण अब यही रास्ता ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।
बरसात में काम शुरू करने पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र पहले से ही बाढ़ प्रभावित है और बारिश के दौरान यहां के रास्ते प्रभावित हो जाते हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में सड़क निर्माण कार्य शुरू करने और रास्ते को बाधित करने पर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण कार्य शुरू करने के बाद आवागमन के अधिकांश रास्ते बंद हो चुके हैं। बारिश के कारण कीचड़ और खराब रास्ते से पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया है।
बुजुर्ग और स्कूली बच्चों के सामने सबसे बड़ी परेशानी
खराब रास्ते का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, जबकि बुजुर्गों को आवश्यक काम से बाहर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चार पहिया वाहनों की आवाजाही भी लगभग प्रभावित हो चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए कई बार चारपाई का सहारा लेना पड़ता है।
फोन करने के बाद भी नहीं निकला समाधान
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर ठेकेदार को कई बार फोन कर जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। सड़क निर्माण के दौरान न तो सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया गया और न ही लोगों की आवाजाही को लेकर कोई प्रभावी व्यवस्था की गई।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार
कोनीकलां के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और कलेक्टर से मांग की है कि सड़क निर्माण पूरा होने तक कम से कम एक सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था कराई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनना जरूरी है, लेकिन निर्माण के नाम पर गांव का संपर्क पूरी तरह काट देना उचित नहीं है। प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर ऐसा रास्ता उपलब्ध कराना चाहिए, जिससे मरीजों को अस्पताल, बच्चों को स्कूल और ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में संकट का सामना न करना पड़े।
