छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भिलाई इस्पात संयंत्र के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ विभाग के अंतर्गत संचालित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र, सेक्टर-9 भिलाई में हैंड-ओनली सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामान्य नागरिकों में हृदयगति रुकने की आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान करने की जागरूकता बढ़ाना एवं जीवन रक्षक प्राथमिक उपचार (सीपीआर) के व्यावहारिक कौशल का प्रशिक्षण देना था।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. विनीता द्विवेदी के मार्गदर्शन में तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. कौशलेंद्र ठाकुर एवं डॉ. उदय कुमार के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को हैंड-ओनली सीपीआर की प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया तथा उन्हें व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि हृदयगति रुकने की आकस्मिक स्थिति में त्वरित पहचान, तत्काल सहायता के लिए बुलाना तथा निरंतर छाती पर दबाव देना, जीवनरक्षक के रूप में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होता है।
ओपीडी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और सीपीआर की विधि सीखकर “जान बचाने” का संकल्प लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने सीपीआर की आवश्यकता, विधि और महत्व को व्यावहारिक रूप से समझा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन में एनेस्थीसिया विभाग की टीम तथा क्वालिटी मैनेजमेंट विभाग की टीम ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। अधिक से अधिक नागरिकों को इस जीवनरक्षक तकनीक से लाभान्वित करने के लिए प्रतिमाह हैंड-ओनली सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन का निर्णय लिया गया।
