छत्तीसगढ़

डी ए वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता में पालक बालक शिक्षक मीटिंग का भव्य आयोजन

Grand Parent-Child Teacher Meeting organized at DAV Chief Minister Public School, Janta

पालक बालक शिक्षक संगोष्ठी में पालकों ने बड़ी संख्या में शामिल हुए
  दाढ़ी:- दाढ़ी क्षेत्र का एक मात्र सी बी एस ई एफ्फिलेटेड स्कूल डी ए वी जांता में पालक बालक शिक्षक संगोष्ठी का शानदार आयोजन हुआ। विद्यार्थियों के पढ़ाई स्तर को जानने के लिए बड़ी संख्या में माता-पिता विद्यालय पहुँचे, डी ए वी स्कूल में सी बी एस ई शिक्षा व पाठ्यक्रम को लेकर लोगों की सोच बदलने का अद्वितीय कार्य किया जा रहा है। डी ए वी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जाँता के प्राचार्य  पी.एल. जायसवाल ने बताया कि डी ए व्ही स्कूल अपने सी.बी.एस.ई. शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा, व अच्छी संस्कार व सी.बी.एस.ई. के प्रत्येक एक्टिविटी के लिए जाना जाता है। महर्षि दयानंद सरस्वती जी के नाम से ही दयानंद एंग्लो वैदिक विद्यालय प्रारंभ हुआ है।महर्षि दयानंद जी आर्य समाज  के संस्थापक है। संस्था में प्रत्येक शनिवार को वैदिक हवन यज्ञ व संस्कार को लेकर नैतिक शिक्षा की पढ़ाई निरंतर होते आ रहा है, संगोष्ठी में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने विद्यालय पहुंचकर अपने बच्चों के पढ़ाई की स्तर को जाना, साथ ही विद्यालय के हो रहे विभिन्न एक्टिविटी व उच्च स्तर के पढ़ाई को लेकर अभिभावकों में काफी उत्साह हैं।
विद्यालय के पालकों ने स्कूल पहुंचकर अपने पाल्य की अर्धवार्षिक परीक्षा व टर्म वन परीक्षा का उत्तरपुस्तिका जाँच कर रिजल्ट जाने व बच्चों के बहुमुखी विकास के लिए किए जा रहे प्रयास पर बातचीत किए। विद्यार्थियों की पढ़ाई स्तर अच्छा व बेहतर से बेहतर हो  इसके लिए हम किस तरह से छात्र को आगे बढ़ा सके इसके लिए स्कूल में यह मीटिंग का भव्य आयोजन किया गया था, जिसमें अभिभावकों ने बढ़- चढ़कर भाग लिया प्राचार्य जायसवाल ने बताया कि छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु हमे  पालक बालक व विद्यालय शिक्षक को तीनो कड़ी मजबूत होना अनिवार्य हैं पालक-बालक-शिक्षक आपस में मिलकर ही हम छात्रों की उज्ज्वल भविष्य की गणना कर सकतें हैं। छात्रों के प्रति मेहनत करने व आगे बढ़ाने के लिए  विद्यालय के शिक्षक प्रयासरत व सदैव तत्पर हैं। विद्यार्थियों की बेहतर शिक्षा में सुधार कैसे करें
माता-पिता और शिक्षक का एक ही लक्ष्य होता है, बच्चे की सफलता। माता-पिता, शिक्षक और बच्चे की साझेदारी स्कूली प्रक्रिया को समृद्ध और प्रभावी बनाती है। “माता-पिता अपने बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं”। उनका सहयोग बच्चे की पढ़ाई और विकास को प्रभावित करता है।एक सफल अभिभावक के सहयोग के लिए, आपको शिक्षकों के साथ निरंतर बातचीत करने की आवश्यकता होती है। माता-पिता और शिक्षक दोनों अपने अवरोधों को दूर करते हैं और एक साझा लक्ष्य की दिशा में काम करने के लिए तैयार रहते हैं रिजल्ट को बेहतर बनाने ,पालकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए बैठक का आयोजन  किया गया व इसमें रिजल्ट सहित बच्चों की प्रोग्रेस पर चर्चा की गयी ।पालकों की बैठक का मुख्य उद्देश्य रिजल्ट सुधारना, बच्चों की नियमित उपस्थिति पर जोर देना ,शिक्षा स्तर को बढ़ाना, विद्यार्थियों की प्रोग्रेस पर चर्चा के साथ साथ पालकों से सुझाव भी लिया गया। इस अवसर पर शिक्षक  ललित देवांगन, गोविंद साहू, अकलेश पटेल, आयुषी जैन, दीपिका वर्मा, विमल साहू, ऐश्वर्य देशमुख, साक्षी शर्मा, संदीप कुमार साहू,ममता चंद्राकर,अमित कुमार साहू, अभिषेक कुमार, प्रवीण कुमार, शोभा रानी, पूनम शर्मा, रेणुका पटेल, रितिका साहू, राजा तंतुवाय,लेखनी चंद्राकर, प्रीति यादव, माननी,स्वप्निल शर्मा, आर्य निधि, गौरी यादव , भारती, अनिल कुमार, कैलाश सिंह, अन्नू चन्द्रकाकर, सुखदेव साहू, रूखमणी, रामेश्वरी, युवराज चंद्राकर, नरेश, विजय चंद्राकर, सुभाष सहित बड़ी संख्या में अभिभावकगण उपस्थित रहे।
 मीडिया प्रभारी ममता चंद्राकर ने जानकारी ने बताया की सितम्बर माह में शिक्षक दिवस सहित, हिंदी पखवाड़ा,  स्वच्छता पखवाड़ा, वैदिक हवन यज्ञ, नवरात्रि उत्सव व दशहरा पर्व सहित इन सभी के उपलक्ष पर अनेको क्रियात्मक गतिविधियो व विभिन्न प्रतियोगिताओं का विद्यालय में आयोजन किया गया। जिसमें  अभिभावकों सहित विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिए।

Related Articles

Back to top button