छत्तीसगढ़

डी.ए.वी. हुडको में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता 2025–26 का भव्य समापन

Grand Finale of State Level Sports Competition 2025-26 at DAV HUDCO

डी ए वी में दो दिवसीय राज्यस्तरीय खेल का रंगारंग समापन

छत्तीसगढ़:- डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, आमदी नगर, हुडको के विशाल प्रांगण में दो दिवसीय राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता 2025–26 का समापन उल्लास, उमंग और गर्व के मधुर स्वर में संपन्न हुआ। खेल मैदान में गूंजते जयघोष, खिलाड़ियों की दमकती मुस्कानें और झिलमिलाती ट्रॉफियों की रोशनी ने इस अवसर को अविस्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ डी ए वी संस्थान प्रमुख एवं क्षेत्रीय अधिकारी प्रक्षेत्र ‘अ’ छत्तीसगढ़ व विद्यालय के प्राचार्य प्रशांत कुमार ने की, वहीं समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में सुरेंद्र गुप्ता रिटायर्ड जी एम बीएसपी व आर्य समाज एवम सियान सदन नेहरू नगर भिलाई के सक्रिय सदस्य एवम समाज सेवक की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा को चार चाँद लगाए तथा विद्यार्थियों में प्रेरणा और उत्साह का संचार किया। विशेष अतिथियों में रवि आर्य मंत्री आर्य समाज, डॉ चेतना शर्मा ए.आर.ओ. सी.जी जोन –एफ, राज रेखा शुक्ला ए.आर.ओ. सी.जी जोन –ई, कमल नारायण मिश्रा ए. आर. ओ सीजी जोन–जे, डी कामेश्वर राव ए. आर. ओ सीजी जोन–आई, ए आर ओ राकेश कुट्टन सहित, विभिन्न 97 डी ए वी पब्लिक स्कूलो के प्राचार्य व प्राचार्यो सहित कार्यस्थल प्रभारी एवं सुपरवाइजरी प्रमुख बी.जे. ए. कुमार और मंजू शर्मा की उपस्थिति ने भी कार्यक्रम की गरिमा को और ऊँचा किया।

इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से आए 97 डी.ए.वी. विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, क्रिकेट, डिस्कस थ्रो, एरोबिक्स, रिले रेस, दौड़, गोलाफेंक सहित अनेक प्रतिस्पर्धात्मक खेलों में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। समापन दिवस का शुभारंभ पारंपरिक तिलक समारोह से हुआ, जहाँ अतिथियों का स्वागत पुष्प, तिलक और मधुर मुस्कान से किया गया। इसके पश्चात डी.ए.वी. गण द्वारा राज्य गीत का सस्वर गायन किया गया, जिसने वातावरण को एकता, समर्पण और गर्व की भावना से भर दिया। अतिथियों को कैप, बैज और पौधा भेंट कर अभिनंदन किया गया तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत ने सभी के मन को प्रसन्न कर दिया। स्वागत भाषण एवं बैठक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रशांत कुमार ने कहा — “यह प्रतियोगिता 14 वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों के लिए आयोजित की गई थी। जिन प्रतिभागियों ने प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त किया है, वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए योग्य घोषित किए गए हैं, जो 22, 23 और 24 नवम्बर को दिल्ली में आयोजित की जाएगी। डी.ए.वी. परिवार विजेता प्रतिभागियों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई देता है तथा आशा करता है कि वे दिल्ली में अधिकतम पदक जीतकर विद्यालय एवं राज्य का नाम रोशन करेंगे और अपने प्रतिस्पर्धियों को स्वस्थ एवं सकारात्मक प्रतिस्पर्धा प्रदान करेंगे।”उन्होंने आगे कहा कि डी ए वी स्पोर्ट्स को भारत सरकार के यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स मंत्रालय द्वारा एक राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन संगठन (NSPO) के रूप में आधिकारिक मान्यता प्राप्त है।साथ ही, यह स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) की एक संलग्न इकाई भी है। डी.ए.वी. संस्थान का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता नहीं, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य करना है — “हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी न केवल अंकों से बल्कि अपने आचरण, खेल भावना और जीवन दृष्टिकोण से भी समाज में उदाहरण प्रस्तुत करें।”

प्रशांत कुमार ने आयोजन समिति, शिक्षकों, खिलाड़ियों और अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता केवल खेल का उत्सव नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों और भारतीय संस्कृति का उत्सव है। तदोपरान्त 4×100 मीटर रिलेरेस हुआ। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें शारीरिक और कलात्मक उत्कृष्टता के बीच संतुलन प्रदर्शित किया गया, क्योंकि किसी बच्चे का समग्र विकास शारीरिक फिटनेस और सृजनात्मक अभिव्यक्ति – दोनों पर निर्भर करता है। इसके पश्चात् कार्यक्रम का सबसे प्रतीक्षित भाग, पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विजेताओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। चैंपियनशिप ट्रॉफी बालिका वर्ग क्लस्टर- तीन, एस. के. पांडे (प्राचार्य, डी.ए.वी. चिरमिरी एवं क्लस्टर इंचार्ज-तीन के मार्गदर्शन में जीती। चैंपियनशिप ट्रॉफी (बालक वर्ग) क्लस्टर- एक डॉ बी. पी. साहू ए.आर.ओ. सी.जी जोन–डी, प्राचार्य डी.ए.वी. पी.एस. ए.सी.सी. जामुल एवं क्लस्टर इंचार्ज-एक के मार्गदर्शन में प्राप्त की। संपूर्ण (ओवरऑल) चैंपियनशिप ट्रॉफी भी क्लस्टर- एक ने जीती, जिसका नेतृत्व डॉ बी. पी. साहू ने किया।

मुख्य अतिथि सुरेंद्र गुप्ता ने अपने उत्साहवर्धक उद्बोधन में कहा —“खेल जीवन का सबसे सशक्त शिक्षक है। यह हमें सिखाता है कि हार में भी कैसे मुस्कुराना है और जीत में भी विनम्र कैसे रहना है। खेल हमें टीम वर्क, समय प्रबंधन, अनुशासन और धैर्य का वास्तविक पाठ पढ़ाता है — यही जीवन की सफलता के स्तंभ हैं।”उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के खिलाड़ी ही कल के भारत का भविष्य हैं —आपके पसीने की हर बूँद, आने वाले भारत की सफलता की गाथा लिखेगी। इसलिए मैदान में ईमानदारी, समर्पण और दृढ़ता के साथ उतरें। जीत-हार तो क्षणिक है, पर सच्चा खिलाड़ी वही है जो हर परिस्थिति में पूरे मन से अपना सर्वश्रेष्ठ दे।” अपने संबोधन के अंत में उन्होंने डी.ए.वी. संस्था द्वारा विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा — “डी.ए.वी. स्कूल केवल शिक्षा नहीं देता, बल्कि संस्कार, संस्कृति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण नागरिक तैयार करता है। मुझे गर्व है कि ऐसे विद्यालयों में हमारे देश का भविष्य गढ़ा जा रहा है।”इसके पश्चात खिलाड़ियों द्वारा प्रस्तुत जम्बल मार्च ने अनुशासन, एकता और देशप्रेम का अद्भुत परिचय दिया। ध्वज अवरोहण के साथ प्रतियोगिता के औपचारिक समापन की घोषणा हुई और मुख्य अतिथि द्वारा मशाल प्रज्वलित कर खेल ज्योति को सम्मानपूर्वक विश्राम दिया गया। विद्यालय परिवार की ओर से मुख्य अतिथि को मोमेंटो भेंट कर हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

 

कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। राज रेखा शुक्ला ए.आर.ओ. सी.जी जोन-ई ने आभार व्यक्त किया, शांति पाठ और राष्ट्रगान के साथ यह राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता सफलता, प्रेरणा और गौरव की अमिट छाप छोड़ते हुए संपन्न हुई। यह आयोजन केवल विजेताओं के नामों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर उस खिलाड़ी के मन में अमर हो गया जिसने खेल के माध्यम से जीवन की सच्ची भावना — संघर्ष, समर्पण और सौहार्द — को आत्मसात किया।

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