रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
रीवा : रीवा के सिरमौर विधानसभा क्षेत्र में सरकारी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां उमरी गांव में पिछले 10 साल से लाखों क्विंटल अनाज खुले में सड़ रहा है। इस गंदगी से हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। हैरानी की बात यह है कि इसी गांव के विधायक प्रतिनिधि को भी अब तक इसकी जानकारी नहीं थी।
वी ओ : यह पूरा मामला सिरमौर के उमरी गांव का है जहां किसान समृद्धि केंद्र और मध्य प्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ के बगल में ही 2014 से खाद्यान्न का खुला भंडारण है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह अनाज अब पूरी तरह से सड़ चुका है और इससे निकलने वाली बदबू से 4 से 5 किलोमीटर का इलाका प्रभावित है। लोगों का आरोप है कि इस गंदगी के कारण हैजा जैसी बीमारियां फैल रही हैं जिससे इंसान और जानवर दोनों बीमार होकर मर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह गंदगी स्कूल, हरिजन बस्ती और कॉलेज जैसी सरकारी इमारतों के ठीक बगल में है, लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। सबसे चौंकाने वाला बयान इसी गांव के रहने वाले बीजेपी के विधायक प्रतिनिधि रविराज विश्वकर्मा का आया है। उन्होंने कैमरे पर कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया से मिली, जबकि वे इसी गांव में रहते हैं। उन्होंने भी इसे अधिकारियों की घोर लापरवाही बताते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल से इसे तुरंत हटाने की मांग की है।
वी ओ 2 : अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी अधिकारी और जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियों से इतने बेखबर हैं कि 10 साल से गांव के बीचों-बीच सड़ रहे अनाज और फैल रही बीमारियों पर उनकी नजर नहीं पड़ी
