मुआवजे की रकम से हिस्सा मांग रहे थे भ्रष्ट कर्मचारी, एसीबी ने चांपा में बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा
जांजगीर-चांपा। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त तेवर दिखाते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ACB), बिलासपुर इकाई ने जांजगीर-चांपा जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसडीएम कार्यालय चांपा के भू-अर्जन शाखा में पदस्थ दो कर्मचारियों अमीन/पटवारी बिहारी सिंह और ऑपरेटर राजकुमार देवांगन को एक किसान से 1 लाख 80 हज़ार रुपए की मोटी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। पूरा मामला भू-अर्जन मुआवजे के भुगतान से जुड़ा है। ग्राम रायपुरा, जिला सक्ती निवासी प्रार्थी बुधराम धीवर की जमीन नेशनल हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। उन्हें और उनकी बहन को मुआवजे के रूप में कुल 35,64,099/- का भुगतान किया गया था। रिश्वतखोर कर्मचारियों ने इसी मुआवजा राशि को जारी कराने में मदद करने का झूठा दावा करते हुए किसान से 1,80,000 रुपए की अवैध मांग की थी। पीड़ित किसान बुधराम धीवर ने इन कर्मचारियों को रिश्वत न देने का फैसला करते हुए एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत का सत्यापन होते ही एसीबी बिलासपुर की टीम ने तत्काल डीएसपी एसीबी बिलासपुर के नेतृत्व में एक ट्रैप (जाल) की योजना बनाई। गुरुवार को जैसे ही अमीन/पटवारी बिहारी सिंह ने एसडीएम कार्यालय परिसर में किसान से 1,80,000 रुपए की रिश्वती रकम अपने हाथ में ली, आसपास मुस्तैद एसीबी टीम ने धावा बोल दिया। दोनों आरोपी बिहारी सिंह और ऑपरेटर राजकुमार देवांगन को मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
एसीबी ने तत्काल प्रभाव से रिश्वत की पूरी रकम जब्त कर ली है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 व 12 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे एसडीएम दफ्तर और सरकारी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
एसीबी का सख्त संदेश
एसीबी के अजितेश सिंह स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह व्यापक ट्रैप अभियान लगातार जारी रहेगा। एसीबी इकाई बिलासपुर के लिए यह पिछले डेढ़ साल में 36वीं ट्रैप कार्रवाई है, जो सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
