रीवा @ सुभाष मिश्रा। शासकीय प्राथमिक शाला बघेडी के प्राचार्य देवशरण आदिवासी की बड़ी लापरवाही सामनें आई है। 18 साल से एक ही जगह अंगद की तरह पाव जमाये प्राचार्य ने भवन निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया है। शाला निर्माण के लिए आया पैसे का दुरुपयोग हुआ है। प्राथमिक शाला बघेडी जर्जर हैं। छत से पानी टपक रहा है। दीवालें गिर रही हैं, मग़र अब तक कोई कार्यवाही नही हुई है।
रीवा जिला अंतर्गत प्राथमिक शाला बघेडी में कभी भी हादसा हो सकता है। शाला की हालत खराब है। छत से पानी टपकता है। दीवालें टूट कर गिर रही हैं। जर्जर भवन में विद्यालय चल रही है, उसी छत के नीचे छोटे बच्चे बैठ कर पढ़ाई करते हैं। 18 साल एक ही विद्यालय में प्राचार्य के पद पर बने रहने के बाद भी प्राचार्य देवशरण आदिवासी ने विद्यालय निर्माण के लिए कोई पहल नही की। जिला शिक्षा अधिकारी की मेहरबानी से देवशरण अब तक एक ही जगह अंगद की तरह पैर जमाये हुए हैं। अब तक प्राचार्य का ट्रांसफर नही हुआ है।
प्राचार्य देवशरण आदिवासी की लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ रही है। छोटे बच्चें टूटी छत के नीचे बैठने को मजबूर हैं। तेज बारिश से छत गिरने की संभावना है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, ऐसे में जिम्मेदार पद पर पदस्थ प्राचार्य देवशरण आदिवासी ने गैरजिम्मेदाराना बयान देते हुए बीआरसी पर ठीकरा फोड़ दिया। प्राचार्य ने कहा कि बीआरसी सुनते नहीं हैं, वे काम के एवज़ में पैसे की मांग करते हैं।
