छत्तीसगढ़

गौठान बना स्व सहायता समूह की महिलाओं के आजीविका का साधन

बीजापुर। जिला बीजापुर में 88 गौठानों में गोबर खरीदी की जा रही है जिसमें से 85 गौठान ग्रामीण क्षेत्र के हैं। जिले में कुल 1 लाख 37 हजार क्विंटल गोबर खरीदी की गई है, जिसमें से 43 हजार क्विंटल वर्मी खाद तैयार किया गया है। वर्तमान में 30 हजार क्विंटल वर्मी खाद विक्रय कर लगभग 3 करोड़ की राशि गौठान प्रबंधन समिति एवं स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्राप्त हुआ है।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शंकर कुड़ियम ने गौठान की उपयोगिता बताते हुए कहा कि जिले में स्व सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। पशुपालन और वर्मी खाद तैयार करने में एक छोटी नौकरी की अपेक्षा अधिक आमदनी कमाई जा सकती है। रासायनिक खाद के कारण कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों के होने का खतरा होता है इसके लिए भी जैविक खाद को बढ़ावा दिया जाना जरूरी है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कमलेश कारम ने कहा कि स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा मछली पालन, बकरी पालन, अण्डा उत्पादन और मशरूम उत्पादन जैसे आजीविकामूलक गतिविधि संचालित की जा रही है। जिसके माध्यम से क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के लिए रोजगार का सृजन हुआ है।

जनपद पंचायत उसूर की अध्यक्ष सुश्री अनिता तेलम ने बताया कि मैं अपने क्षेत्र के गौठानों का निरीक्षण की हूं। जहां पर महिलाएं अच्छे से कार्य कर रही हैं टोरा आईल मिलिंग एवं हल्दी व मसाला का कार्य बहुत अच्छे से कर रही हैं, जिससे हमारे जनपद क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार मिला है।
जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गोधन न्याय एवं रूरल इंडस्ट्री पार्क की सराहना करते हुए ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी का धन्यवाद दिया।

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