लोकेश्वर सिन्हा, गरियाबंद
गरियाबंद नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील करते हुए गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने कहा है कि अगर वे थाने या पुलिस कैंप जाने में हिचकिचा रहे हैं तो पत्रकारों और आमजनों के जरिए भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं। एसपी ने बताया कि पिछले 9 महीनों में 28 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए और 27 ने आत्मसमर्पण किया है। हाल ही में बड़े कैडर लीडर भी मुठभेड़ों में ढेर हुए हैं, वही 15 सितंबर को भी एक महिला नक्सली जानसी में सरेंडर किया है जो पिछले 20 सालों से नक्सली संगठन में सक्रिय थी और वर्तमान में काफी बड़े पद पर थी उसके भी सरेंडर करने के बाद अब नक्सली इन क्षेत्र में कमजोर पड़ गए है जिससे संगठन नेतृत्व के संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि छोटे नक्सलियों के ऊपर कोई दबाव नहीं है, इसलिए यह समय उनके लिए आत्मसमर्पण का सबसे अच्छा अवसर है। यदि पुलिस प्रशासन तक पहुँचने में दिक्कत हो तो नक्सली अपने इलाके के पत्रकारों के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। इधर मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सली अब अपने पैरों पर खड़े हो रहे हैं। सरकारी योजनाओं और रोजगार से उनकी जिंदगी पटरी पर लौट रही है। जो कभी जंगल में हथियार उठाए थे, वही अब खेती-बाड़ी और कामकाज में जुटे हैं। यह बदलाव बताता है कि शांति की राह ही असली जीत है।
