देवीचरण ठाकुर
गरियाबंद – सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज गरियाबंद जिला पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में समस्त व्यावसायिक एवं निजी वाहन चालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में विशेष रूप से “ *नशे की हालत में वाहन न चलाने* “ (Don’t Drink and Drive) पर जोर दिया गया।
यातायात प्रभारी उप पुलिस अधीक्षक लितेश सिंह ने स्पष्ट किया कि नशे में वाहन चलाना न केवल चालक की जान जोखिम में डालता है, बल्कि अन्य निर्दोश राहगीरों के लिए भी घातक है। शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े जाने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ लाइसेंस निरस्तिकरण की कार्यवाही की जाएगी।
चालकों को अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, ओवर स्पीड से बचने और वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने के कड़े निर्देश दिए गए।
सभी वाहन चालकों को अपने वाहन के बीमा, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) को अपडेट रखने के लिए निर्देशित किया गया।
पुलिस प्रशासन द्वारा जिले के चिन्हांकित ‘ब्लैक स्पॉट’ (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की जानकारी साझा की गई और वहां वाहन की गति धीमी रखने की सलाह दी गई।
बैठक के अंत में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना केवल कानूनी बाध्यता नही, बल्कि एक नागरिक जिम्मेदारी है। पुलिस द्वारा भविष्य में ब्रीथ एनालाइजर (Breath Analyzer) के माध्यम से सघन जांच अभियान चलाया जाएगा।
