गरियाबंद । सड़क नहीं, एंबुलेंस का इंतजार प्रसव पीड़ा से जूझती महिला।
महिला को खाट पर लादकर 3 किलोमीटर तक ले गए परिजन।
मैनपुर ब्लॉक के घुमरापदर कमारपारा में बदहाल व्यवस्था की तस्वीर।
मुख्य मार्ग तक पहुंचने के बाद आपातकालीन वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उरमाल पहुंचाई गई प्रसूता।
राहत की बात, मां और नवजात बच्चा दोनों सुरक्षित।
विशेष पिछड़ी जनजाति कमार परिवारों के लिए जनमन योजना के दावों के बीच बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल।
सबसे बड़ा सवाल—कमारपारा तक सड़क और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कब पहुंचेंगी?
क्या अगली बार भी मरीजों को खाट के सहारे अस्पताल पहुंचना पड़ेगा?