छत्तीसगढ़

स्टेज से अस्पताल तक… बच न सकी प्रोफेसर की जान

From the stage to the hospital... the professor could not be saved.

बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयू) के अधिष्ठाता छात्र कल्याण (डीएसडब्ल्यू) प्रो. शैलेंद्र कुमार का शुक्रवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया। कुलपति के कार्यकाल विस्तार के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह के दौरान वे मंच पर गीत प्रस्तुत कर रहे थे। कुछ ही देर बाद तबीयत बिगड़ने पर वे बाथरूम गए, जहां गिर पड़े। एलाइट अस्पताल ले जाने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से विश्वविद्यालय परिसर में जश्न का माहौल पलभर में शोक में बदल गया।

जानकारी के अनुसार शिक्षा मंत्रालय द्वारा कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल के कार्यकाल को एक वर्ष बढ़ाए जाने के बाद विश्वविद्यालय में रजत जयंती सभागार में “पांच साल बेमिसाल” कार्यक्रम आयोजित किया गया था। शाम करीब सात बजे प्रो. शैलेंद्र कुमार मंच पर गीत गा रहे थे। प्रस्तुति के कुछ ही मिनट बाद उन्होंने असहजता महसूस की और बाथरूम चले गए। कुछ देर बाद कर्मचारियों को उनके गिरने की सूचना मिली। तत्काल कुलसचिव प्रो. अश्वनी दीक्षित सहित अधिकारियों ने उन्हें कार से व्यापार विहार स्थित एलाइट अस्पताल पहुंचाया।

बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाते समय वह बातचीत भी कर रहे थे, लेकिन उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कुलसचिव प्रो. दीक्षित के अनुसार उन्हें लगातार दो बार हार्ट अटैक आया-पहला बाथरूम में और दूसरा अस्पताल में। रात साढ़े आठ बजे के बाद घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र अस्पताल पहुंच गए। हर कोई इस अप्रत्याशित घटना से स्तब्ध नजर आया।

जश्न से मातम तक का सफर

कुलपति के कार्यकाल विस्तार की खुशी में विश्वविद्यालय में बधाई और सम्मान का माहौल था। रजत जयंती सभागार में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां चल रही थीं और प्रो. शैलेंद्र कुमार स्वयं मंच पर गीत प्रस्तुत कर रहे थे। कुछ ही मिनट बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। देखते ही देखते उत्सव का वातावरण मातम में बदल गया और पूरे विश्वविद्यालय में शोक की लहर दौड़ गई।

एक साल में कई घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय पिछले एक वर्ष से लगातार गंभीर घटनाओं के कारण चर्चा में रहा है। अक्टूबर 2025 में बीएससी छात्र अर्सलान अंसारी का शव विश्वविद्यालय परिसर के तालाब में मिला था। परिजनों ने इसे संदिग्ध मौत बताते हुए हत्या और लापरवाही के आरोप लगाए थे। इसी साल बॉटनी के प्रोफेसर नरेंद्र मिश्रा की भी क्वार्टर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

कौन है प्रो.शैलेंद्र कुमार

प्रो. शैलेंद्र कुमार गुरु केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर तथा अधिष्ठाता छात्र कल्याण थे। उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी. की और कंक्रीट प्रौद्योगिकी, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग तथा फ्रैक्चर मैकेनिक्स के क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध कार्य किए। विश्वविद्यालय में वे कार्यवाहक कुलसचिव, प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक और विभिन्न प्रशासनिक पदों पर भी सेवाएं दे चुके थे। छात्र कल्याण, शैक्षणिक प्रशासन और अनुसंधान में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें सम्मानपूर्वक याद किया जाता है।

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