संघर्ष से विजय तक: भाई की मेहनत ने बहन को बनाया पुलिस ऑफिसर

From struggle to victory: Brother's hard work makes sister a police officer

जांजगीर-चांपा: ग्राम पंचायत बिर्रा की बेटी श्रद्धा कर्ष ने सब-इंस्पेक्टर (एसआई) बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता की कहानी संघर्ष, त्याग और पारिवारिक मूल्यों की मिसाल बनकर सामने आई है।

जनपद पंचायत बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पंचायत बिर्रा निवासी श्रद्धा कर्ष (29), पिता सुगंध चंद कर्ष, ने हाल ही में सब-इंस्पेक्टर की बेसिक ट्रेनिंग पूरी की है। ट्रेनिंग के बाद जब वह गांव लौटीं तो ग्रामीणों ने उनका बाजे-गाजे के साथ स्वागत किया। पूरे गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला।

श्रद्धा के परिवार में बड़े भाई विवेक कुमार कर्ष, एक विवाहित बहन और सबसे छोटी श्रद्धा हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में बचपन से ही कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

बड़े भाई विवेक ने मात्र 17 वर्ष की उम्र से मजदूरी शुरू कर दी थी, ताकि श्रद्धा की पढ़ाई जारी रह सके। उन्होंने अपने सपनों को पीछे छोड़कर बहन को आगे बढ़ाने का जिम्मा उठाया।

परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वर्ष 2019 की बारिश में उनका कच्चा मकान ढह गया। इसके बाद परिवार को किराए के मकान में रहना पड़ा। आर्थिक तंगी के कारण विवेक की शादी भी नहीं हो सकी, क्योंकि न तो स्थायी आय थी और न ही खुद का पक्का घर।

समय के साथ श्रद्धा की मेहनत रंग लाई और वह SI बन गईं। सफलता मिलने के बाद उन्होंने अपने निजी सुखों को प्राथमिकता नहीं दी।

उन्होंने अपने वेतन से पक्का मकान बनवाने की शुरुआत की है, ताकि उनके भाई विवेक का घर बस सके और उनकी शादी हो सके।

श्रद्धा का यह निर्णय आज समाज में पारिवारिक मूल्यों और त्याग की एक नई मिसाल बनकर उभर रहा है। बिर्रा सहित आसपास के क्षेत्रों में उनकी सराहना हो रही है। यह कहानी बताती है कि सच्ची मेहनत और त्याग का फल एक दिन जरूर मिलता है।

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