आधार कार्ड में छेड़छाड़ कर ढाई एकड़ जमीन की फर्जी बिक्री, गरियाबंद में बड़ा जमीन घोटाला

Fraudulent sale of 2.5 acres of land by tampering with Aadhaar card; major land scam in Gariaband.

लोकेश्वर सिन्हा गरियाबंद

गरियाबंद में पड़ोसी के आधार कार्ड से छेड़ छाड़ कर ढाई एकड़ जमीन हथियाने और फिर बेचने का मामला सामने आया है। जिले के अमलीपदर तहसील के बजाडी गांव में हरिसिंह नागेश नाम के शख्स ने उरमाल के शांति लाल जैन को साल भर पहले ढाई एकड़ जमीन बेची थी। पर जैसे ही नामांतरण के लिए गांव में इश्तहार पहुंचा तो सरपंच ने विक्रेता के नाम और पते पर संदेह जताते हुए नामांतरण रोक दिया। सरपंच की सजगता के बाद किसी तरह नामांतरण तो टल गया पर डिजिटलाइजेसन के समय इतनी बड़ी चूक कैसे हुई इसका हमने पड़ताल किया तो कई चौंकाने वाले मामले सामने आए।

गांव की जिस जमीन की बिक्री बजाडी के 39 साल के हरिसिंह ने किया वह जमीन 50 साल पहले से कैठपदर के हरिसिंह के नाम दर्ज थी।रजिस्ट्री के समय खड़ा हो कर डिजिटल फोटो दर्ज कराने वाला बजाड़ी का भंवर सिंह निकला। जिसने अपने पड़ोसी के आधार कार्ड

को छेड़ छाड़ कर न केवल जमीन बेची बल्कि अपने पत्नी का पिता बता कर रिकॉर्ड में नाम बदलवाने में भी सफल हो गया था। अब मामले की जांच देवभोग को प्रभारी रजिस्टर ने शुरु कर दिया है। दस्तावेजों के पड़ताल के बाद भवर सिंह द्वारा किए गए जालसाजी के कई प्रमाण मिले हैं। अब मामले में संलिप्त पटवारी, दस्तावेज लेखक से लेकर सबकी भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है। मामले में जालसाज भंवर सिंह ने अपना ही उर्फ नमा होने का दावा कर रहा है, जबकि सारे परिस्थितियां उसके विपरीत है।

 

 

 

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