स्वास्थ्य मंत्रालय का फर्जी अफसर निकला ठग

Fraudster posing as Health Ministry official exposed

रायपुर। दूसरों को कानून का पाठ पढ़ाने वाले पुलिस अधिकारी को ही एक शातिर जालसाज ने अपने झांसे में लेने की कोशिश की, लेकिन उसकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चली। राजधानी में पदस्थ डीएसपी गुरु नारायण से पांच लाख रुपये लेकर मनचाही पोस्टिंग दिलाने का दावा करने वाले बिहार के जालसाज को सिविल लाइंस थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपित रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू खुद को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताकर लोगों का भरोसा जीतता था। वह फर्जी पहचान पत्र दिखाकर केंद्रीय मंत्रालयों और पुलिस विभाग में ऊंची पहुंच होने का दावा करता था।

ट्रेन में डीएसपी से मुलाकात के बाद उसने पहले विश्वास कायम किया और फिर पोस्टिंग के नाम पर रुपये मांगने लगा। संदेह होने पर डीएसपी ने शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। जांच में उसके बिहार और छत्तीसगढ़ में दो दर्जन से अधिक लोगों से ठगी करने के सुराग मिले हैं।

ट्रेन में दोस्ती, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल

आरोपित की मुलाकात डीएसपी गुरु नारायण से ट्रेन यात्रा के दौरान हुई थी। उसने खुद को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सहायक आयुक्त बताया और मोबाइल नंबर लेकर लगातार संपर्क में रहा। कुछ दिनों बाद उसने केंद्रीय मंत्रालयों और पुलिस विभाग में प्रभावशाली अधिकारियों से करीबी होने का दावा करते हुए मनचाही पोस्टिंग कराने का भरोसा दिलाया। इसके एवज में पांच लाख रुपये की मांग की गई।

फर्जी आई-कार्ड से बनाता था रौब

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपित विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के एडिटेड और फर्जी पहचान पत्र तैयार कर लोगों को दिखाता था। इन्हीं दस्तावेजों के सहारे वह खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर नौकरी, पोस्टिंग और सरकारी काम कराने का झांसा देता था। डीएसपी को भी जब उसके पहचान पत्र और दावों पर संदेह हुआ तो उन्होंने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ।

दो राज्यों में फैला ठगी का नेटवर्क

पुलिस के अनुसार रजनीश कुमार राय मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला है और अमलेश्वर में रहकर ठगी का नेटवर्क चला रहा था। शुरुआती जांच में बिहार और छत्तीसगढ़ के दो दर्जन से अधिक लोगों को नौकरी और पोस्टिंग का झांसा देकर ठगने की जानकारी मिली है। महंगे शौक पूरे करने के लिए वह फर्जी अधिकारी बनकर लोगों से रुपये ऐंठता था। पुलिस अब उसके बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।

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