सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं को झांसे में लेकर देश भर में लाखों रूपये की ठगी, 1 अंतर्राष्ट्रीय विदेशी नाइजीरियन नागरिक दिल्ली से गिरफ्तार

रायपुर। सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं को झांसे में लेकर देश भर में लाखों रूपये की ठगी करने वाला 1 अंतर्राष्ट्रीय विदेशी नाइजीरियन नागरिक दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से 6 मोबाईल, 2 पासपोर्ट, 2 लैपटॉप एवं 2 एटीएम कार्ड जब्त किया गया है। दरअसल आरोपी प्रार्थिया को गुमराह करने हेतु अलग – अलग मोबाईल नंबर व व्यक्तियों के नाम से संपर्क करता था। आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर रायपुर लाया गया है।
मिली जानकारी में मुताबिक आरोपी ने मैसेंजर एवं व्हाट्सएप के माध्यम से चेट कर धीरे – धीरे महिला का विश्वास व मोबाईल नंबर हासिल कर लिया था। आरोपी प्रार्थिया से व्हाटसएप कॉल में बात करता था। इसके बाद प्रार्थिया को गिफ्ट भेजने के नाम पर अपने भरोसे व झांसे में लेकर ठगी का शिकार बनाया था। आरोपी ने प्रार्थिया से 48,570/-रूपये की ठगी किया था ।
मामले की गंभीरता को देखते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तत्काल प्रथम सूचना पत्र दर्ज कर विशेष टीम को लगाया गया था। आरोपी के ठगी के तरीके से ही नाइजीरियन गिरोह के होने की प्रारंभ से आशंका थी ।दिल्ली में टीम द्वारा कैम्प करते हुये आरोपी को गिरफ्तार किया गया ।आरोपी चुकुमा इमेके मूलतः नाइजीरिया देश का निवासी है ।
आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 223/23 धारा 420, 34 भादवि., 66डी आई.टी. एक्ट के तहत् अपराध पंजीबद्ध किया गया है । आरोपी मूलतः नाइजीरिया का निवासी है जो वर्तमान में दिल्ली में विकासपुरी मार्केट रोड गार्डन नंबर 10 स्थित एक मकान में निवासरत था। पूछताछ में आरोपी द्वारा संपूर्ण भारत में सैकडों महिलाओं को अपने झांसे में लेकर प्रलोभन देकर लाखों रूपये की ठगी करना बताया गया है। आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमाण्ड पर रायपुर लाया गया है।
तरीका वारदात – आरोपी मैट्रीमोनियल साईट, फेस बुक एवं सोशल मीडिया के अनेक प्लेटफार्मो में फर्जी आई डी बनाकर महिलाओं से संपर्क कर उनका मोबाईल नंबर प्राप्त कर व्हाट्सएप कॉल करते हुए धीरे – धीरे महिलाओं का विश्वास व भरोसा जीतकर कई तरह के लुभावने व प्रलोभन देकर अपने द्वारा दिये गये अलग – अलग बैंक खातों में पैसे प्राप्त कर ठगी करता था। आरोपी अपनी पहचान गोपनीय रखने के लिए एक अपराध के लिये उपयोग किये गये सिम व मोबाईल उस अपराध के बाद नष्ट कर देते है एवं आई डी को भी डि-एक्टिवेट कर देते है। इनके द्वारा दिये गये सभी बैंक खाते भी फर्जी होते है।

