रिपोर्टर लोकेश्वरसिन्हा
लोकेशन गरियाबंद
गरियाबंद जिला मुख्यालय की सूरत अब बदलने वाली है। जिले के नए मुखिया, कलेक्टर भगवान सिंह उइके ने शहर को व्यवस्थित करने के लिए ऐसी कमान संभाली कि 4 घंटे तक प्रशासन को ऑफिस छोड़ कड़ी धूप में निरीक्षण करना पड़ा। पहली बार किसी कलेक्टर ने दफ्तर छोड़, कड़कती धूप में 4 घंटे तक पैदल चलकर शहर की एक-एक अव्यवस्था का जायजा लिया। बस स्टैंड की गंदगी हो या अवैध कब्जे, अब सब पर कार्यवाही करने की तैयारी है। जिला मुख्यालय को सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कलेक्टर भगवान सिंह उइके खुद मैदान में उतरे। राजस्व और नगर पालिका की टीम के साथ कलेक्टर ने मुख्यालय के चप्पे-चप्पे का निरीक्षण किया। उनके साथ नगर पालिका अध्यक्ष रिखी राम यादव भी मौजूद रहे। निरीक्षण की शुरुआत बस स्टैंड से हुई, जहाँ सालों से जमे अवैध कब्जों और बेतरतीब दुकानों को देख कलेक्टर ने तत्काल नोटिस जारी करने और अतिक्रमण हटाने के कड़े निर्देश दिए।शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए बड़ा फैसला लेते हुए कलेक्टर ने टैक्सी स्टैंड को गायत्री मंदिर के सामने स्थित मैदान में शिफ्ट करने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, सालों से बंद पड़े वाटर प्लांट को भी हटाने को कहा गया है ताकि बस स्टैंड का दायरा बड़ा और साफ दिख सके। सुरक्षा के लिहाज से छीन तालाब के पास अंधे मोड़ पर उगे झाड़-झंखाड़ को तत्काल साफ कराया गया ताकि हादसों पर लगाम लग सके।सब्जी बाजार को नई जगह शिफ्ट करने की तैयारी।छुरा मार्ग पर दिन के समय भारी वाहनों की एंट्री बैन। छीन तालाब का होगा सौंदर्यीकरण और नई सड़कों का निर्माण । कलेक्टर ने 3 से 4 किलोमीटर पैदल चलकर जनता की समस्याओं को करीब से देखा। जिला बनने के बाद गरियाबंद ने पहली बार किसी कलेक्टर की ऐसी गंभीरता देखी है। जनप्रतिनिधि और आम जनता इस पहल की सराहना कर रहे हैं। अब देखना होगा कि इस मैराथन निरीक्षण के बाद गरियाबंद की तस्वीर कितनी जल्दी बदलती है ।