बस्तर में बाढ़ की तबाही, 300 बसाहटें प्रभावित; 12 का एयरलिफ्ट रेस्क्यू

Flood devastation in Bastar; 300 settlements affected, 12 airlifted to safety.

बस्तर जिले और जगदलपुर शहर में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। उफनती इंद्रावती नदी खतरे के निशान से 4 मीटर ऊपर बह रही है, जिससे 300 से ज्यादा बसाहटें पूरी तरह प्रभावित हुई हैं। सेना के हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू जारी है।
भारतीय वायु सेना ने बस्तर में बाढ़ प्रभावित इलाके से 12 नागरिकों को सुरक्षित बचाया है।

बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। डोंगाघाट समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक रविवार सुबह तक 805 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 4,798 प्रभावित लोगों ने 42 राहत शिविरों में शरण ली है। मदद के लिए आई एक कॉल पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, #IAF के Mi-17V5 हेलीकॉप्टर को सुबह-सुबह रवाना किया गया। छत्तीसगढ़ के बस्तर ज़िले में इंद्रावती नदी में बाढ़ के कारण रात भर फंसे तीन बच्चों, तीन महिलाओं और गोद में लिए एक शिशु समेत 12 नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया।

हालांकि, चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है. घाटपद्मुर, पनारापारा और कोकापाल जैसे इलाकों में पानी का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण अभी भी लगभग 100 लोग फंसे हुए हैं. SDRF की टीम बार-बार बोट के जरिए पहुंचने की कोशिश कर रही है. प्रशासन का कहना है कि प्रभावितों तक खाद्य सामग्री और पानी पहुंचाया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर दोबारा एयरलिफ्ट की मदद ली जाएगी.

महापौर संजय पांडे के अनुसार जगदलपुर शहर के डोंगाघाट और आसना इलाके में 50 से अधिक लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं. वहीं प्रवीर वार्ड और विजय वार्ड में भी 20 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की खबर है. जिन इलाकों में बाढ़ का पानी नहीं उतरा है, वहां से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर एयरलिफ्ट किया जा रहा है. पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण जहां नावें नहीं पहुंच पा रही थीं, वहां भारतीय वायुसेना (IAF) के हेलीकॉप्टर की मदद ली गई, जिससे 12 लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित निकाला गया. नावों के जरिए 900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. वहीं राहत शिविरों में 7300 से ज्यादा लोग शरण ले रखे हैं।

बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने बताया कि नदी का जलस्तर जो बीते रात 12.39 मीटर तक पहुंच गया था, वह अब घटकर 12.2 मीटर पर आ गया है. प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में राहत शिविर बनाए हैं, जहां वर्तमान में 7,300 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं. शिविरों में भोजन, पेयजल और चिकित्सा की पूरी व्यवस्था की गई है.

 

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