देवभोग। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत देवभाेग ब्लॉक में स्वास्थ्य विभाग ने अपने आरबीएसके व लेब टेक्निशियन की टीम के साथ 25 स्कूलों में मुख्य चिकित्सा व स्वस्थ्य अधिकारी के निर्देशानुसार चिन्हित 25 स्कूलों में 432 छात्रों का फाइलेरिया टेस्ट किया।
बीएमओ डॉक्टर प्रकाश साहू ने बताया की सफलता पूर्वक चलाए गए जांच अभियान में एक भी स्कूली छात्रों में इसके लक्षण नहीं पाए गए।सभी स्कूली छात्र स्वास्थ्य मिले। टीम ने स्कूलों के अलावा ग्राम स्तर पर भी इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाया, फाइलेरिया से होने वाले हांथी पांव रोग के लक्षण एवम कारणों को बता कर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। उन्हे बताया गया की शरीर में सूजन, बुखार, त्वचा का मोटापन और पैरों में सूजन के लक्षण दिखे तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करने की सलाह दिया गया। समय पर इलाज से फाइलेरिया पर नियंत्रण पाया जा सकता है। अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने वाले स्कूलों के प्रधान पाठक और शिक्षको का बीएमओ ने आभार जताया है।
रेंडम जांच के लिए चुने गए 25 स्कूल के टीचर्स को दी गई थी ट्रेनिंग :
अभियान शुरू करने से पहले विभाग ने उच्च कार्यलय से चुने गए 25 स्कूलों के शिक्षको को फाइलेरिया टेस्टिंग का प्रशिक्षण दिया था। ट्रांसिमशन एसेसमेंट सर्विस के तहत सारे टेस्ट किया गया। ऊपर कार्यलय से ही रेंडम जांच के लिए इन स्कूलों का चयन किया गया था।
डीएवी में नन्हे बच्चो ने निर्भय हो कर जांच कराया :
अभियान के तहत जब स्वास्थ्य अमला डीएवी स्कूल पंहूच जांच शुरू किया तो नन्हे स्कूली बच्चों ने भी इस जांच निर्भय होकर सहयोग किया।जांच के दरम्यान बच्चे हंसते मुस्कुराते रहे।
