छत्तीसगढ़

1 करोड़ की जमीन के लालच में ससुर की हत्या, पुलिस ने पकड़ा

Father-in-law murdered out of greed for land worth ₹1 crore; police make arrest.

रायपुर। रायपुर में एक करोड़ की जमीन के पैसों को लेकर हुए विवाद में दामाद ने ससुर की हत्या कर दी। करीब एक करोड़ की जमीन बेचने के बाद मिले पैसों को लेकर बड़े दामाद हेमराज निषाद का ससुर मोहन निषाद से विवाद चल रहा था।

4 सितंबर की रात मोहन ने दामाद को पार्टी में बुलाया। शराब के नशे में इसी बात को लेकर दोनों के बीच फिर झगड़ा हुआ। विवाद बढ़ने पर हेमराज ने जीआई तार से गला घोंटकर ससुर की हत्या कर दी।हत्या के बाद आरोपी ने शव को चादर में लपेटकर टाटा मैजिक वाहन में रखा।

इसके बाद शव को खारुन नदी में फेंकने की तैयारी थी। इसी दौरान धरसीवां थाना क्षेत्र के परसतराई में रायपुर-बिलासपुर रोड पर पेट्रोलिंग कर रही पुलिस की नजर संदिग्ध टाटा मैजिक पर पड़ी। पुलिस को देखकर आरोपी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो उसमें चादर में लिपटा मोहन निषाद का शव बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर मुख्य आरोपी मृतक के बड़े दामाद हेमराज निषाद सहित उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को गिरफ्तार कर लिया।

अब जानिए पूरा मामला

टाटा मैजिक में मिली थी लाश

दरअसल, 4 सितंबर की रात करीब 1:15 बजे धरसीवां पुलिस की टीम परसतराई इलाके में नहर पुलिया के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सामने से एक टाटा मैजिक आती दिखाई दी। पुलिस ने गाड़ी रोकने का इशारा किया तो ड्राइवर ने गाड़ी रोकने के बजाय पीछे लेना शुरू कर दिया।

पुलिस को शक हुआ तो ड्राइवर से पूछताछ की गई। उसने खुद को रावाभाठा का बताया और कहा कि गाड़ी बुकिंग में चल रही है। उसके साथ एक और व्यक्ति भी मौजूद था।

इसी दौरान बाइक से दो युवक वहां पहुंचे। इनमें से एक ने खुद को रावाभाठा का जिला अध्यक्ष बताया। दोनों बाइक सवार वहां से आगे निकल गए, लेकिन टाटा मैजिक में सवार लोग पुलिस से बचने की कोशिश करते रहे।

पुलिस को देखकर बस्ती की तरफ भगाई गाड़ी

शक होने पर पुलिस ने मुरेठी रोड की तरफ पेट्रोलिंग वाहन खड़ा कर रास्ता रोकने की कोशिश की। पुलिस को देखते ही ड्राइवर ने टाटा मैजिक को तेज रफ्तार से परसतराई बस्ती की तरफ दौड़ा दिया।

पुलिस ने गाड़ी का पीछा किया। कुछ दूर जाने के बाद शीतला मंदिर के पास ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी। इसके बाद ड्राइवर और उसके साथ मौजूद व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों की तरफ भाग गए।

पुलिस ने दोनों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे मौके से फरार हो गए।

चादर खोलने पर सामने आई लाश

दोनों के भागने के बाद पुलिस ने टाटा मैजिक की तलाशी ली। गाड़ी के अंदर एक व्यक्ति चादर में बंधा हुआ था। उसका एक पैर चादर से बाहर दिखाई दे रहा था। पुलिस ने जब चादर खोलकर देखा तो अंदर एक व्यक्ति की लाश मिली।

शव को इस तरह चादर में बांधकर ले जाने से पुलिस को आशंका हुई कि हत्या के बाद लाश को कहीं ठिकाने लगाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवाया और उसकी पहचान के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की।

गाड़ी पर लिखे मोबाइल नंबर की जांच करने पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। यह नंबर रावाभाठा निवासी संजय उर्फ मोरध्वज चौहान से जुड़ा मिला।

जांच आगे बढ़ी तो जमीन की रकम का विवाद सामने आया

पुलिस की जांच में मृतक की पहचान पठारीडीह के मोहन निषाद के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसके परिवार और परिचितों से पूछताछ शुरू की।

जांच में पता चला कि मोहन ने हाल ही में करीब एक करोड़ रुपए की जमीन बेची थी। इसी रकम में हिस्से या पैसों की मांग को लेकर उसके बड़े दामाद हेमराज का मोहन से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि पिछले महीने भी दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

पार्टी में फिर हुआ झगड़ा, गुस्से में कर दी हत्या

पुलिस के मुताबिक, 3 सितंबर, 2026 की रात मोहन ने दामाद हेमराज को पार्टी के लिए बुलाया था। पार्टी के दौरान दोनों ने शराब पी। शराब के नशे में एक बार फिर जमीन की रकम को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि हेमराज ने जीआई तार से मोहन का गला घोंट दिया। इससे मोहन की मौत हो गई।

खारुन नदी में शव फेंकने की थी तैयारी

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की योजना शव को खारुन नदी में फेंककर हत्या के सबूत मिटाने की थी। इसी मकसद से टाटा मैजिक को बुक किया गया था।

लेकिन परसतराई के पास पुलिस की गश्ती टीम ने गाड़ी को देख लिया। पुलिस ने जब गाड़ी रोकने की कोशिश की तो आरोपियों को पकड़े जाने का डर हो गया। वे गाड़ी छोड़कर मौके से भाग निकले।

इसके बाद आरोपी बस से बिलासपुर पहुंचे और रतनपुर में जाकर छिप गए।

दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी ने किया सरेंडर

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। पुलिस का दबाव बढ़ने पर मुख्य आरोपी हेमराज निषाद ने सरेंडर कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसके चाचा रोहित निषाद और दोस्त संजय निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, हत्या की मूल वारदात उरला थाना क्षेत्र में हुई थी। इसलिए धरसीवां पुलिस ने तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उरला पुलिस के हवाले कर दिया है। मामले में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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