रीवा मप्र रिपोर्टर सुभाष मिश्रा
गौशालाओं के संचालन की मांग, शासन-प्रशासन पर लापरवाही के आरोप
जनपद पंचायत जवा संचार निर्माण समिति के सभापति प्रवल पाण्डेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर किसानों की दोहरी समस्या पर गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि एक ओर किसानों को यूरिया खाद की कमी से जूझना पड़ रहा है तो दूसरी ओर सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं।
पाण्डेय ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने में नाकाम रहा है, जिसके चलते इस वर्ष धान की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। वहीं बेसहारा पशुओं की समस्या से खेतों में लगी फसलें पलभर में नष्ट हो रही हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि जनपद पंचायत जवा में 3 दर्जन से अधिक गौशालाएं बनाई गई हैं, जिनमें प्रत्येक पर 50 लाख रुपए से अधिक की लागत आई है। इसके बावजूद अधिकांश गौशालाएं केवल कागजों में संचालित हैं। पाण्डेय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गौशालाओं के संचालन के नाम पर हर माह शासन से लाखों रुपए का अनुदान लिया जा रहा है, जिसका बंदरबांट पशुपालन विभाग और वरिष्ठ अधिकारी मिलकर कर रहे हैं।
उन्होंने प्रभारी मंत्री प्रह्लाद पटेल और कलेक्टर रीवा से मांग की है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध कराया जाए और गौशालाओं का संचालन सुनिश्चित कर किसानों को राहत प्रदान की जाए।
