धान खरीदी केंद्र खोलने की लंबित मांग को लेकर किसानों का आक्रोश

Farmers' anger over pending demand for opening of paddy procurement centres

धान खरीदी केंद्र खोलने की लंबित मांग को लेकर किसानों का आक्रोश आखिर फूट पड़ा। मंगलवार सुबह से ही सैकड़ों ग्रामीणों ने नेशनल हाइवे 130C पर सिकासेर जीरो चैन के पास सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी किसानों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं।

कई वर्षों से लंबित मांग पर नहीं हुई सुनवाई

ग्रामीणों का कहना है कि पारागांवडीह में धान खरीदी केंद्र की स्थापना की मांग वे बीते कई वर्षों से कर रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मजबूर होकर उन्होंने सड़क पर उतरने का निर्णय लिया।

15 से अधिक गांवों के किसान हुए एकजुट

इस आंदोलन में ग्राम पंचायत घाटौद, बेगरपाला और जंगल धवलपुर के अधीन आने वाले 15 से ज्यादा गांवों के किसान शामिल हैं। सुबह से ही किसानों ने ट्रैक्टर और वाहन सड़क पर खड़े कर चक्काजाम किया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

महिला किसानों की भी बड़ी भागीदारी

प्रदर्शन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आंदोलन को और प्रभावशाली बना दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक खरीदी केंद्र की स्वीकृति नहीं मिलती, तब तक वे धरना जारी रखेंगे।

प्रशासनिक अधिकारी मौके पर

स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मैंनपुर एसडीएम और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे हैं। प्रशासन किसानों को समझाने का प्रयास कर रहा है, वहीं किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

ज़िला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में आंदोलन

इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को बार-बार आश्वासन मिला, पर कोई निर्णय नहीं हुआ। अब आंदोलन के माध्यम से ही सरकार तक आवाज़ पहुंचाई जाएगी।

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